
New Delhi, 1 मई . दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने Friday को आरोप लगाया कि पंजाब के Chief Minister भगवंत मान ने एक बार फिर लोकतंत्र को शर्मसार किया है. उन्होंने कहा कि Chief Minister भगवंत मान कथित तौर पर शराब के नशे में पंजाब विधानसभा के एक दिवसीय मजदूर दिवस विशेष सत्र में पहुंचे.
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि जिस तरह नशे में Chief Minister भगवंत मान लड़खड़ाते हुए विधानसभा पहुंचे और अस्पष्ट भाषा में बोले, उससे विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं कि उन्होंने उन्हें क्यों नहीं रोका?
उन्होंने कहा कि जिस तरह Chief Minister मान हताश और कथित रूप से नशे की हालत में विधानसभा पहुंचे, उससे साफ है कि उन्हें खुद अपनी Government की स्थिरता पर भरोसा नहीं रहा. यह पहला मौका नहीं है, जब भगवंत मान कथित तौर पर नशे की हालत में किसी सदन में पहुंचे हों.
उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद रहने के दौरान भी भगवंत मान कथित तौर पर शराब के नशे में Lok Sabha पहुंचे थे.
सचदेवा ने कहा, ”आज जिस तरह वह लड़खड़ाते हुए सदन में पहुंचे और उस हालत में बोले, उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर दीं.”
उन्होंने कहा कि पंजाब, दिल्ली और पूरे देश के लोग इस व्यवहार से स्तब्ध हैं और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भगवंत मान के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
इससे पहले पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ में कहा था कि विधानसभा में किसी भी फ्लोर टेस्ट से पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया जाना चाहिए. यह बयान ऐसे समय आया है, जब पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में हंगामे के बीच कांग्रेस ने वॉकआउट किया.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि Chief Minister भगवंत मान नशे की हालत में सदन में पहुंचे और सदन में मौजूद सभी विधायकों का अल्कोहल टेस्ट कराने की मांग की.
से बातचीत में सुनील जाखड़ ने कहा, ”फ्लोर टेस्ट बाद में हो, पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट होना चाहिए. यही मेरी मांग है. Chief Minister चाहे फ्लोर टेस्ट कराएं या न करें, या विश्वास प्रस्ताव लाएं, लेकिन आज पंजाब विधानसभा में नेताओं का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट जरूर होना चाहिए.”
उन्होंने दिन में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया.
जाखड़ ने कहा, ”आज सुबह पंजाब कैबिनेट की बैठक में दो मंत्रियों का अपमान किया गया. वहां जिस भाषा का इस्तेमाल हुआ, वह बेहद आपत्तिजनक था. सिर्फ मंत्री ही नहीं, मुख्य सचिव के साथ भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया.”
उन्होंने कहा, ”अगर Government इस हालत में विधानसभा आती है, तो यह संस्था का अपमान है. विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है.”
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी Chief Minister भगवंत मान के कथित रूप से नशे में सदन में आने के आरोपों के बाद सभी विधायकों का अल्कोहल टेस्ट कराने की मांग की. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही के दौरान सदस्यों के व्यवहार और स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए मेडिकल जांच जरूरी है.
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एएमटी/एबीएम