जश्न में हुई फायरिंग से महिला की मौत का मामला : भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की सजा पर फैसला सुरक्षित

New Delhi, 3 जुलाई . दिल्ली में साल 2018 के न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में महिला की मौत के मामले में दोषी ठहराए गए बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की सजा पर फैसला फिलहाल टल गया है.

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने Friday को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा की अवधि (क्वांटम ऑफ सेंटेंस) पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. अदालत अब इस मामले में Saturday को अपना आदेश सुनाएगी.

सुनवाई के दौरान प्रोबेशन अधिकारी ने अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट में बताया गया कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ बिहार में हत्या का एक मामला भी दर्ज है, जिसमें उन्हें Patna हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

वहीं, विधायक की ओर से पेश वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की. बचाव पक्ष ने कहा कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज जरूर हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है. वकील ने दलील दी कि अधिकतर मामले चुनाव के दौरान Political विरोधियों की ओर से दर्ज कराए गए थे, जबकि कई मामलों में या तो वह बरी हो चुके हैं या फिर Police ने चार्जशीट ही दाखिल नहीं की.

बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि राजू कुमार सिंह छह बार विधायक चुने जा चुके हैं. यदि उन्हें दो साल से अधिक की सजा होती है तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो सकती है. इसलिए अदालत उन्हें सुधार का एक अवसर दे.

वकील ने अदालत को बताया कि राजू कुमार सिंह और उनका परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और राजनीति से जुड़ा रहा है. वर्ष 2009 से पहले उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था. उनकी पत्नी रेनू सिंह विधान परिषद की सदस्य रह चुकी हैं और उनके पिता करीब दस वर्षों तक गांव के मुखिया रहे थे.

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मृतक डॉ. अर्चना गुप्ता उनके परिवार के लिए भाभी जैसी थीं. घटना के समय उनकी पत्नी भी डांस फ्लोर पर मौजूद थीं. वकील ने कहा कि यह घटना पूरे परिवार के लिए व्यक्तिगत त्रासदी थी. राजू कुमार सिंह करीब दो महीने जेल में भी रह चुके हैं और पूरे मुकदमे के दौरान उन्होंने कभी भी पीड़ित परिवार पर किसी तरह का दबाव बनाने या प्रभावित करने की कोशिश नहीं की. बचाव पक्ष ने घटना पर दुख जताते हुए अदालत से न्यूनतम सजा देने की मांग की.

यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक फार्महाउस में नए साल का जश्न मनाया जा रहा था. आरोप है कि इसी दौरान लाइसेंसी पिस्तौल से की गई हर्ष फायरिंग की एक गोली वास्तुकार डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद फतेहपुर बेरी थाने में मामला दर्ज हुआ और दिल्ली Police ने जांच के दौरान राजू कुमार सिंह समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था.

पिछले महीने राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था. अदालत ने माना कि भीड़भाड़ वाली जगह पर लाइसेंसी पिस्तौल से फायर करना ऐसा कृत्य था, जिसमें मौत होने की आशंका का आरोपी को पूरा ज्ञान था.

हालांकि, अदालत ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के आधार पर उनकी पत्नी रेनू सिंह और दो अन्य सह-आरोपियों राणा राजेश सिंह तथा रामेंद्र सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था.

वीकेयू/एएस

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