‘जनता के साथ धोखा’, राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल के समय पर उठाए सवाल

New Delhi, 15 अप्रैल . Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने Wednesday को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र Government पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल पास करने के लिए 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि देश में अभी जाति-आधारित जनगणना चल रही है.

राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि Government अभी जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है. यह संशोधन परिसीमन और चुनावी क्षेत्रों की मनमानी फेरबदल का इस्तेमाल करके सत्ता पर कब्जा करने की एक कोशिश है.

उनकी यह प्रतिक्रिया संसद के विस्तारित बजट सत्र के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले आई है. इस सत्र के दौरान, संसद में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की सुविधा के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ में संशोधनों और एक प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर चर्चा होने की उम्मीद है.

राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का समर्थन करती है और संसद ने 2023 में इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया था.

अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो संदेश जोड़ते हुए, उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, विशेष रूप से पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासी समुदायों और महिलाओं के लिए. विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि जनता को अब धोखा दिया जा रहा है.

उन्होंने वीडियो में कहा कि Prime Minister Narendra Modi नहीं चाहते कि यह फैसला (महिला आरक्षण का) जाति जनगणना, नई जनगणना या ओबीसी जनगणना पर आधारित हो. वह 2011 की जनगणना का इस्तेमाल करना चाहते हैं, जिसमें पिछड़े वर्गों की संख्या शामिल नहीं है.

यह आरोप लगाते हुए कि पिछड़े वर्गों की भागीदारी छीनी जा रही है, उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह नहीं चाहती कि पिछड़े वर्गों के लोगों को उनकी वास्तविक आबादी के आधार पर भागीदारी मिले.

एमएस/

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