
श्रीनगर, 6 जुलाई . अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल मार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) की “मे आई हेल्प यू” पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. इस पहल के तहत तैनात महिला कर्मी श्रद्धालुओं को रास्ता बताने, आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने, सुरक्षा संबंधी सहायता, ठहरने की व्यवस्था, भाषा संबंधी मदद, संचार सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं. इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराना है.
केंद्रीय रिजर्व Police बल के डीआईजी सुधीर कुमार ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए बताया कि अमरनाथ यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, जिनमें कई लोगों को भाषा संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिजर्व Police बल एक “मिनी इंडिया” की तरह है, इसलिए अलग-अलग राज्यों से महिला कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि तीर्थयात्री अपनी मातृभाषा में संवाद कर सकें और उन्हें बेहतर सहायता मिल सके.
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष शुरू की गई “मे आई हेल्प यू” पहल को तीर्थयात्रियों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी, जिससे बल का उत्साह बढ़ा. इसी अनुभव के आधार पर इस वर्ष भी महिला जवान पूरी तैयारी के साथ सेवाएं दे रही हैं.
उन्होंने बताया कि हाल ही में कुछ श्रद्धालुओं को पंजीकरण केंद्र के पास परेशानी का सामना करना पड़ा था, जिसे “मे आई हेल्प यू” टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सुलझाया.
केंद्रीय रिजर्व Police बल की महिला कॉन्स्टेबल ज्योति एस. ने से बात करते हुए कहा कि लोगों की सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है. इस वर्ष इस पहल के तहत लगभग 30 से 40 महिला जवान तैनात हैं, जिनका एकमात्र उद्देश्य पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की हर समस्या का समाधान करना और उन्हें सुरक्षित एवं सहज यात्रा का अनुभव कराना है.
वहीं, महिला कॉन्स्टेबल पुष्पा वर्मा ने से बात करते हुए कहा कि देशभर से आए श्रद्धालुओं की सहायता के लिए उनकी टीम लगातार उनके बीच मौजूद रहती है.
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जवान तुरंत मदद उपलब्ध कराते हैं और हर संभव प्रयास करते हैं कि किसी भी तीर्थयात्री को यात्रा के दौरान कठिनाई का सामना न करना पड़े. केंद्रीय रिजर्व Police बल की यह पहल श्रद्धालुओं के लिए भरोसे और सहारे का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है.
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एसएके/पीएम