
बीजापुर, 28 दिसंबर . छत्तीसगढ़ के बीजापुर में केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) ने Sunday को माओवादियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. गंगालूर क्षेत्र के गांव कुप्पागुड़ा में सीआरपीएफ जवानों ने दो आईईडी को निष्क्रिय किया है.
जानकारी के अनुसार, थाना गंगालूर क्षेत्रांतर्गत एफओबी कोप्पागुड़ा से 199 वाहिनी केरिपु की टीम एफओबी पीड़िया क्षेत्र में एरिया डॉमिनेशन एवं डिमाईनिंग ड्यूटी पर निकली थी. अभियान के दौरान पीड़िया कैम्प से लगभग 2 किमी की दूरी पर डिमाईनिंग के दौरान निर्माणाधीन सड़क से 50 मीटर की दूरी पर माओवादियों के द्वारा लगाए गए 2 आईईडी को बरामद किया गया.
बताया गया कि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए सीआरपीएफ 199 वाहिनी की बीडीडी टीम की सहायता से दोनों आईईडी को सुरक्षित रूप से मौके पर ही नष्ट किया गया. बरामद आईईडी में से एक टिफिन तथा एक बीयर की बोतल में लगाया गया था. दोनों ही आईईडी दबाव तंत्र से लगाए गए थे.
सुरक्षा बलों की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से माओवादियों की बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया. बीजापुर Police एवं सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति एवं विकास कार्यों की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है.
इससे पहले सीआरपीएफ के जवानों ने क्रिसमस के दिन वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. सीआरपीएफ ने अशांत बीजापुर जिले में दो उच्च क्षमता वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद कर उन्हें निष्क्रिय करके एक संभावित विनाशकारी माओवादी हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया.
यह अभियान फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) कंदलपर्ती-2 से शुरू किए गए नियमित माओवादी विरोधी क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास के दौरान चलाया गया. अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ की 214वीं बटालियन की एक समर्पित टीम ने घने जंगलों में गश्त और तलाशी अभियान चलाया, जो माओवादियों का एक जाना-माना गढ़ है और जहां अक्सर घात लगाकर हमले और विस्फोटक जाल बिछाए जाते हैं.
बम पहचान एवं निरोधक (बीडीडी) दस्ते ने बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की पहचान की. Police अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने दो घातक आईईडी (संक्रामक विस्फोट उपकरण) बरामद किए, एक का वजन 20 किलोग्राम और दूसरे का 5 किलोग्राम था. आईईडी को गश्त कर रहे सैनिकों या नागरिकों को निशाना बनाने के लिए छिपाया गया था.
–
एमएस/डीकेपी