कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में, सरकार इसके नाम पर चला रही राजनीतिक एजेंडा: प्रियंका गांधी

New Delhi, 18 अप्रैल . Lok Sabha में महिला आरक्षण संशोधन बिल पारित नहीं होने के बाद भाजपा नेताओं की बयानबाजी के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुड़ी पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में हमेशा से खड़ी रही है.

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख साफ है. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने लोकतंत्र को बचाने का काम किया है और Government की साजिश को विफल किया है. उनके अनुसार, Government इस विधेयक के जरिए परिसीमन को जोड़कर एक अलग Political एजेंडा आगे बढ़ाना चाहती थी, जिसे विपक्ष ने समझते हुए इसका विरोध किया.

उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को ही लागू किया जाना चाहिए. अगर Government वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो पुराने कानून को तुरंत लागू करे. हम पूरी तरह उसके साथ खड़े हैं. प्रियंका गांधी ने Government को चुनौती देते हुए कहा कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर फिर से चर्चा कराई जाए और देखा जाए कि कौन वास्तव में महिलाओं के पक्ष में है.

कांग्रेस सांसद रणजीत रंजन ने कहा, “ये महिलाओं का बिल नहीं था. महिला आरक्षण विधेयक हमने 2023 में सर्वसम्मति से पास कर दिया था आज सुना है पीएम मोदी तमिलनाडु गए हैं. उन्हें तमिलनाडु की महिलाओं से माफी मांगना चाहिए कि 3 साल पहले विपक्ष ने जिस महिला आरक्षण बिल को पास किया, उसका नोटिफिकेशन आपने 16 अप्रैल 2026 में निकाला.

उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से जो विशेष सत्र बुलाया, वो महिला आरक्षण के लिए नहीं था, बल्कि वे इसमें परिसीमन का पेज डालकर महिला आरक्षण को गिरवाना चाहते थे. महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहते थे. अगर आरक्षण देना चाह रहे थे तो हम तो 2023 में कह रहे थे एक तो आपने 3 साल इंतजार कराया और अब आप लेकर आए तो उसमें भी कह रहे कि पहले जनगणना होगी फिर परिसीमन होगा फिर हम आरक्षण लेकर आएंगे. आप जो डबल गेम खेल रहे थे उसकी पोल महिलाओं के सामने खुल गई है.”

Samajwadi Party सांसद डिंपल यादव ने कहा, “ये दलित, ओबीसी विरोधी हैं. जब Samajwadi Party की मांग थी कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दीजिए, क्योंकि आधी आबादी का सवाल था, लेकिन ये आधी आबादी में भी दरार पैदा करने वाले लोग हैं ये दरारवादी लोग हैं. इन्होंने समाज में हमेशा दरार और अविश्वास, भय पैदा किया है और इसी हथियार से भाजपा के लोग सत्ता में बने हुए हैं. अब लोग ये बात समझ चुके हैं.”

शिवसेना यूबीटी नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “जनता देख रही है कि एजेंडा क्या है. एजेंडा यह है कि आप महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहते. एजेंडा यह है कि आप एक चीज को दूसरी से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, और जब हम सीटों की संख्या बढ़ाएंगे, तभी हम महिलाओं को जगह देंगे.”

उन्होने कहा, “2023 में पूरी सहमति से एक कानून पास किया गया था. वह कानून महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए था. उस समय भी, हमने Government से कहा था कि इसे परिसीमन और जनगणना से न जोड़ा जाए. फिर भी उन्होंने हमारे संशोधनों को नजरअंदाज किया और हमारी आवाज को अनसुना कर दिया. इस भावना के साथ कि महिलाओं को उनके अधिकार मिलेंगे, हम सभी ने Lok Sabha में एक पार्टी को छोड़कर इस आरक्षण के लिए पूरी सहमति दी. 2024 के चुनावों में आप महिलाओं को न तो 33 प्रतिशत सीटें देते हैं और न ही कोई इच्छाशक्ति दिखाते हैं.”

एसएके/वीसी

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