
रांची, 14 अगस्त . माइनिंग बिल पर पुनर्विचार के लिए Chief Minister हेमंत सोरेन द्वारा Prime Minister मोदी को लिखे पत्र का कांग्रेस नेताओं ने समर्थन किया हैं और इस मुद्दे को लेकर केंद्र Government का घेराव किया. कांग्रेस नेता किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि केंद्र Government देश को राजतंत्र की तरफ लेकर जाना चाहती है. भाजपा को संघीय ढांचे और लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है.
कांग्रेस नेता किशोर नाथ शाहदेव ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा, “कांग्रेस पार्टी ने पिछले 80 साल देश में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में बिताए हैं. दूसरी ओर, कौन है? केंद्र Government में भाजपा है, जिसे संघीय ढांचे और लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है. वे देश को राजशाही की ओर ले जाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि जहां तक Jharkhand के अधिकारों की बात है – जमीन हमारी है, अधिकार हमारे हैं, लेकिन टैक्स उनका है! यह पूरी तरह से अनुचित है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. संघीय ढांचे में राज्यों के अपने अधिकार होते हैं और केंद्र के अपने अधिकार होते हैं. Chief Minister ने कहा है, और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी कहा है कि यह Jharkhand के साथ पूरी तरह से अन्याय है.”
कांग्रेस नेता ने कहा कि Jharkhand के प्रमुख आय के स्रोत माइनिंग से सेस (उपकर) पर केंद्र एकाधिकार करना चाहती है. इसका मतलब कि आप देश को राजतंत्र की तरफ लेकर जाना चाहते हैं. प्रदेश की जनता इसके लिए एकजुट होकर खड़ी होगी. अभी मुख्यमंत्री ने आग्रह किया है, आने वाले समय में बड़े आंदोलन चलाकर वापस कराने का काम करेंगे.
छात्र आंदोलन को लेकर किशोर नाथ शाहदेव ने कहा,”सबसे पहले, मैं उन छात्रों से अपील करना चाहता हूं कि वे भूख हड़ताल का रास्ता छोड़ दें और अपना उपवास खत्म करें. उन्हें Government द्वारा शुरू किए गए बातचीत के रास्ते से अपनी मांगें रखनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि Government का दावा है कि उनकी 95-98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं, इसलिए उन्हें मामले को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए. Government ने यह भी कहा है कि कुछ मांगें ऐसी हैं जिन पर कानूनी अड़चनों के कारण वह कोई फैसला नहीं ले सकती. हर कोई छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहा है. हमारे Governmentी प्रतिनिधियों ने बहुत संवेदनशीलता के साथ उनके मुद्दों पर ध्यान दिया है, जिनमें मंत्री और यहां तक कि Chief Minister भी शामिल हैं.
वहीं, Jharkhand कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश Government की तरफ से छात्र से संवाद में कोई कमी नहीं है. हालांकि यह बात अलग है कि प्रदर्शनकारी छा9 जो चाह रहे हैं, वह अभी नहीं हो पाया है, उसमें Government की भी कई मजबूरियां हैं. इन सबके बाद भी Government लगातार बातचीत कर रही है. छात्र जिस कार्रवाई की बात कर रहे हैं, हम उस पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं, क्योंकि सिस्टम में सुधार की बात है.
उन्होंने बच्चों से अपील की है कि प्रदेश Government के साथ अटूट विश्वास बनाए रखें. प्रदर्शनकारी छात्र जो कार्रवाई चाहते हैं, वहीं काम राहुल गांधी कराएंगे.
माइनिंग बिल पर पुनर्विचार को लेकर राजेश ठाकुर ने कहा कि खनन विधेयक पूरी तरह से मंईयां सम्मान योजना को छीनने का प्रयास है. यह संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है और जिन कंपनियों ने 12 साल में यहां के पैसे को भरने की बात कही है,ये भी इस बिल से प्रभावित होंगी. इससे Jharkhand राज्य का हक मारा जाएगा.
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एएसएच/पीएम