
New Delhi, 24 जून . कोयला मंत्रालय ने Wednesday को स्वच्छ कोयला तकनीकों (क्लीन कोल टेक्नोलॉजी) पर एक ब्रिक्स साइड इवेंट का आयोजन किया, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और कोयले के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा देने में कोयला गैसीकरण (कोल गैसीफिकेशन) की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई.
एक आधिकारिक बयान में कोयला मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम में वरिष्ठ Governmentी अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ और ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए. साथ ही, रूस, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया.
यह आयोजन ब्रिक्स देशों और अन्य हितधारकों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना.
कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव संजय कुमार झा ने कहा कि कोयला गैसीकरण India की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
उन्होंने बताया कि इस तकनीक के जरिए कोयले को सिनगैस में बदला जाता है, जिसका उपयोग अमोनिया, मेथनॉल, हाइड्रोजन, सिंथेटिक ईंधन, डीआरआई (डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन) और अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण में किया जाता है.
झा ने कहा कि कोयला गैसीकरण तकनीक India की आयात निर्भरता कम करने और घरेलू कोयला संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद कर सकती है.
उन्होंने विभिन्न कोयला गैसीकरण परियोजनाओं में हो रही प्रगति का उल्लेख करते हुए स्वच्छ कोयला तकनीकों को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया.
उन्होंने कहा कि केंद्र Government वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
इसके लिए Government नीतिगत समर्थन, वित्तीय प्रोत्साहन, सुनिश्चित कोयला आपूर्ति और विभिन्न मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों के जरिए काम कर रही है.
कार्यक्रम में बीएचईएल ने अपनी कोयला गैसीकरण तकनीक पर प्रस्तुति दी.
वहीं जिंदल स्टील लिमिटेड (जेएसएल) और ग्रेटा एनर्जी ने अपने कोयला गैसीकरण प्रोजेक्ट्स और ब्रिक्स देशों के लिए इस तकनीक की उपयोगिता पर जानकारी साझा की.
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने कास्ता भूमिगत कोयला गैसीकरण (यूसीजी) पायलट प्रोजेक्ट की प्रगति पर प्रस्तुति दी.
इसके अलावा, नॉमिनेटेड अथॉरिटी ने यूसीजी परियोजनाओं के लिए कोयला ब्लॉक आवंटन और नीतिगत पहलों की जानकारी दी.
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने कोयला आपूर्ति व्यवस्था और कंपनी द्वारा संचालित कोयला गैसीकरण परियोजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया.
कार्यक्रम के दौरान एक इंटरैक्टिव पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें कोयला गैसीकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ.
विशेषज्ञों ने तकनीक, परियोजना लागत, भू-वैज्ञानिक चुनौतियों, प्रसंस्करण संबंधी समस्याओं, India के उच्च राख (हाई ऐश) वाले कोयले के उपयोग और इस तकनीक को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए आवश्यक नीतिगत तथा वित्तीय सहायता पर अपने विचार साझा किए.
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डीबीपी