
New Delhi, 11 सितंबर . हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप में संजय आजाद और उनकी नाबालिग बेटी निशु आजाद के खिलाफ First Information Report दर्ज करने की मांग को लेकर एडवोकेट अमिता सचदेवा ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल की है.
चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के सामने दाखिल की गई अपनी अर्जी में सचदेवा ने दिल्ली Police को सेक्शन 196 (दुश्मनी बढ़ाना), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और 353 (किसी Governmentी कर्मचारी को उसके ऑफिशियल काम करने से रोकने के लिए हमला या क्रिमिनल फोर्स का इस्तेमाल) के तहत First Information Report दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है.
अर्जी में कहा गया है कि पिता-बेटी की जोड़ी के खिलाफ First Information Report दर्ज करने की उनकी शिकायत पर दिल्ली Police से कोई जवाब नहीं मिलने के बाद उन्हें कोर्ट में यह अर्जी दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि निशुआजाद11 के एक्स अकाउंट से भगवान शिव, भगवान श्री कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से संबंधित कई पोस्ट किए गए थे. इसमें आरोप लगाया गया है कि पोस्ट में देवताओं का अपमान किया गया, हिंदू देवताओं को ‘काल्पनिक’ बताया गया और हिंदू धार्मिक ग्रंथों को हटाने की अपील की गई.
याचिका के अनुसार, ये पोस्ट 2023 के हैं और इनमें भगवान श्री कृष्ण, मां दुर्गा, मां सरस्वती और भगवान शिव से संबंधित पोस्ट शामिल हैं. 9 नवंबर, 2024 की एक पोस्ट में कथित तौर पर हिंदू देवताओं को काल्पनिक बताया गया था जबकि 19 दिसंबर, 2025 की एक और पोस्ट में कथित तौर पर हिंदू धार्मिक ग्रंथों को उड़ाने की बात कही गई थी.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 18 अगस्त, 2026 की एक पोस्ट में भगवान शिव की पूजा का मजाक उड़ाया गया था और भक्तों को “अंधविश्वासी” बताया गया था. इसमें 9 अप्रैल 2025 की मां दुर्गा से जुड़ी एक पोस्ट का भी जिक्र है, जिसमें कथित तौर पर देवी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था.
अर्जी में वकील अमिता सचदेवा ने कहा है कि इन पोस्ट से उनकी और दूसरे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. याचिका में कहा गया है कि उन्होंने सबसे पहले 5 सितंबर को New Delhi डिस्ट्रिक्ट के साइबर Police स्टेशन में बीएनएस के सेक्शन 299 और 196 और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के लागू नियमों के तहत एफआआईर दर्ज करने की मांग की थी. उन्होंने यूआरएल, प्लेटफॉर्म रिकॉर्ड और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने की भी मांग की है.
याचिका में दिल्ली Police को एफआआर दर्ज करने, आरोपों की जांच करने और कोर्ट के सामने एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश देने की मांग की गई है. इसमें संबंधित इलेक्ट्रॉनिक सबूत और प्लेटफॉर्म रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है.
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