Wednesday , 28 July 2021

कोयला खदान नीलामी : 36 अरब के संसाधनों के साथ 67 खदानों, 15 करोड़ टन (एमटी) के निर्यात की पेशकश


नई दिल्ली (New Delhi) . कोयला मंत्रालय ने उद्योग भागीदार के रूप में फिक्की के साथ संयुक्त रूप से वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला खदानों की नीलामी के दूसरे चरण पर हितधारकों के पहले परामर्श का आयोजन किया. आज आयोजित दो हितधारकों के परामर्श के दौरान पहली बार कोयला एवं खनन व्यवसाय, उपकरण निर्माताओं, माइन डेवलपर्स और ऑपरेटरों (एमडीओ) तथा वित्तीय संस्थानों के मुख्य प्रतिभागियों ने वर्चुअल माध्यम से इसमें हिस्सा लिया.

कोयला मंत्रालय में अपर सचिव और नामित प्राधिकारी एम नागराजू ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि, हम वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला खदानों की नीलामी के दूसरे चरण में लगभग 36 अरब के कुल संसाधनों के साथ 67 खदानों और लगभग 15 करोड़ टन (एमटी) के निर्यात खदानों पीआरसी की पेशकश कर रहे हैं.

देश में कोयला खदानों का इस तरह से अब तक का सबसे बड़ा प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि, ये प्रस्ताव जो लगभग सभी कोयला-उत्पादन वाले राज्यों में हैं, इस उद्योग को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर प्रासंगिक तथा उपयोगी खदानों को चुनने के लिए बड़ा अवसर और मौका प्रदान करते हैं. नागराजू ने कहा कि, नीलामी के इस मौजूदा चरण से, कोयला मंत्रालय एक सहज नीलामी तंत्र की ओर बढ़ रहा है, जिसमें कोई भी गैर-नीलामी खदान पोर्टल पर नीलामी के लिए उपलब्ध रहेगी, और जब भी अन्य की उपलब्धता होगी तो और खदानें भी इसमें जोड़ी जाएंगी.

सीएमपीडीआईएल और डब्ल्यूसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि, इस चरण में 67 कोयला ब्लॉक हैं, जिनमें से 23 सीएमएसपी हैं और 44 एमएमडीआर ब्लॉक हैं; 37 पूरी तरह से खोजे गए हैं, जबकि शेष 30 आंशिक रूप से या क्षेत्रीय रूप से खोजे गए हैं.

फिक्की के महासचिव दिलीप चेनॉय ने कहा कि, वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी का दूसरी भाग उद्योगों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कोयले की उपलब्धता बढ़ाने तथा कोयले के आयात पर बोझ को कम करने की प्रतिबद्धता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि, पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ खनन सुनिश्चित करने की पहल के तहत कोयला गैसीकरण तथा सीबीएम परियोजनाओं सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने से इस प्रयास के दौरान सतत विकास सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी.

Please share this news