
Lucknow, 30 अप्रैल . उत्तर प्रदेश विधानमंडल के विशेष सत्र में Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Samajwadi Party और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए महिला आरक्षण के मुद्दे पर “दोहरा रवैया” अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संसद में विरोध और सदन में समर्थन का दिखावा कर विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है, जिस पर “सपाइयों को देख गिरगिट भी शरमा जाए.”
विशेष सत्र के दौरान Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को Lok Sabha में विपक्ष का रवैया महिला विरोधी था और यह सदन भी उसके व्यवहार का गवाह है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर सीधा निशाना साधते हुए कहा पांडेयजी, इस उम्र में तो सच्चाई स्वीकार कीजिए. योगी ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब 2017 में प्रदेश में डबल इंजन Government” आई, तब 1.5 साल के भीतर 2 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे.
उन्होंने कहा कि अब वही दल महिला आरक्षण के पक्ष में खड़े होने का दावा कर रहे हैं जबकि संसद में उसका विरोध किया गया. Chief Minister ने सपा विधायक पूजा पाल का जिक्र करते हुए कहा कि आप अपनी साथी के आंसू तक नहीं पोंछ पाए,” और आरोप लगाया कि सपा का महिलाओं के प्रति रवैया संवेदनशील नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि सपाइयों के आचरण पर “गिरगिट भी शरमा जाए.”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि पहले एलपीजी सिलेंडर के लिए महिलाओं को संघर्ष करना पड़ता था, जबकि केंद्र Government ने अब 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं. उन्होंने जनधन खातों, शौचालय निर्माण और महिला सशक्तिकरण योजनाओं को Government की प्रमुख उपलब्धियां बताया. इस दौरान Chief Minister ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष के रुख की निंदा करते हुए प्रस्ताव भी पेश किया. उन्होंने कहा कि यदि सपा वास्तव में 33 प्रतिशत आरक्षण के पक्ष में है, तो उसे संसद में अपने आचरण की निंदा करनी चाहिए.
सीएम ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में महिलाओं को गरिमा, सम्मानजनक स्थान, स्वावलंबन और सशक्तीकरण मिल रहा है. नीति-निर्धारण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भाजपा और एनडीए निरंतर आगे बढ़ रहा है. Chief Minister ने शाहबानो प्रकरण से लेकर अब तक के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष हमेशा महिलाओं के आरक्षण के मार्ग में बाधक बना रहा है.
वहीं, Chief Minister ने विधानमंडल दल के सभी सदस्यों से अपील की कि वे चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लें. उन्होंने सपा और कांग्रेस के सदस्यों से कहा कि अगर इनमें नैतिक साहस है तो चर्चा में भाग लें और स्पष्ट बताएं कि उन्होंने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का विरोध क्यों किया? इस विरोध के पीछे उनकी मंशा क्या थी? Chief Minister ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि उनके नेताओं ने गलत किया है तो इनका दायित्व है कि वे माफी मांगें या निंदा प्रस्ताव को पारित करवाकर महिला-विरोधी आचरण की निंदा में भागीदार बनें. उन नेताओं की जरूर निंदा की जानी चाहिए, जिन्होंने आधी आबादी को Political सशक्तीकरण और आरक्षण के लाभ से वंचित रखा.
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विकेटी/पीएम