
मऊ, 29 मई . Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Friday को मऊ जिले के गांव ताजोपुर स्थित ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति है.
Chief Minister ने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पीएन सिंह ने भारतीय सेना में 35 वर्षों तक सेवा देने और देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य करने के बाद अपनी जन्मभूमि लौटकर जो कार्य किया है, वह केवल संस्थान निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अभियान है.
Chief Minister योगी ने कहा कि सेना और विभिन्न संस्थानों में वर्षों सेवा देने के बाद ब्रिगेडियर डॉ. पीएन सिंह का अपने गांव लौटकर वहां अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, आईटीआई और सैनिक पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों की स्थापना करना पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है. उन्होंने कहा कि यह वही भाव है, जिसे हमारे शास्त्रों में ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ कहा गया है.
Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि लंका विजय के बाद जब लक्ष्मण ने स्वर्णमयी लंका की समृद्धि की चर्चा की थी, तब भगवान श्रीराम ने कहा था, ‘अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते. जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी.’
सीएम ने कहा कि यही भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन है. चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए, उसकी जन्मभूमि और मातृभूमि से बड़ा कुछ नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पीएन सिंह ने इसी आदर्श को अपने जीवन में उतारा है. भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर में वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने अपनी जन्मभूमि ताजोपुर लौटने का निर्णय लिया. गांव लौटकर उन्होंने जिस प्रकार स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के केंद्र खड़े किए हैं, वह ग्रामीण India के लिए विकास का आदर्श मॉडल है.
Chief Minister ने कहा कि उनका ब्रिगेडियर पीएन सिंह से संबंध लगभग 15-16 वर्ष पुराना है. तभी से वे उनके समाजसेवा और राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यों के बारे में सुनते रहे हैं और आज उन्होंने अपनी आंखों से इसे देखा है. ताजोपुर में स्थापित ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल केवल एक अस्पताल नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाला बड़ा केंद्र है. इसी प्रकार सैनिक नर्सिंग कॉलेज के माध्यम से एएनएम, जीएनएम, पोस्ट बेसिक बीएससी और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कराई जा रही है. फार्मेसी कॉलेज के माध्यम से डी.फार्मा और बी.फार्मा की शिक्षा दी जा रही है, जबकि आईटीआई के जरिए युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है. सैनिक पब्लिक स्कूल क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है.
सीएम ने कहा कि ये संस्थान केवल भवन नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभ हैं. यहां रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार मिल रहा है और बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका इन संस्थानों से जुड़ रही है. उन्होंने कहा कि एक समय पहचान के संकट से जूझने वाला मऊ आज इन संस्थानों की वजह से नई पहचान प्राप्त कर रहा है.
Chief Minister योगी ने Prime Minister Narendra Modi द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान दिए गए ‘पंच प्रण’ का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया था कि जब India आजादी के 100 वर्ष पूरे करे, तब वह विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व के सामने खड़ा हो. इसके लिए हर भारतीय को पांच प्रण लेने होंगे. पहला प्रण हमारी विरासत पर गर्व करने का है. हम राम, कृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई जैसे महानायकों के वंशज हैं. हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए.
दूसरा प्रण गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह समाप्त करने का है. हमें हर उस सोच और प्रवृत्ति को त्यागना होगा, जिसमें विदेशी मानसिकता या गुलामी की गंध हो. तीसरा प्रण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ है. जातिवाद, क्षेत्रवाद और छुआछूत जैसी बुराइयों ने देश को कमजोर किया. समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ खड़े होना हर भारतीय का दायित्व है.
Chief Minister ने चौथे प्रण के रूप में सैनिकों और सुरक्षा बलों के सम्मान की बात कही. उन्होंने कहा कि जब देश का सैनिक सियाचिन की बर्फीली चोटियों पर माइनस तापमान में खड़ा रहता है, जब Rajasthan के रेगिस्तान में 50 डिग्री तापमान में सीमा की रक्षा करता है और जब Policeकर्मी दिन-रात अपराधियों से लड़ते हैं, तभी हम चैन से सो पाते हैं. इसलिए हर भारतीय के मन में सैनिकों और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पांचवां प्रण नागरिक कर्तव्यों का पालन करना है. हर व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करना चाहिए.
Chief Minister ने कहा कि विकसित India का सपना गांवों के विकास से ही साकार होगा. प्रदेश विकसित तभी होंगे, जब जनपद विकसित होंगे और जनपद तभी विकसित होंगे, जब ताजोपुर जैसे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे. उन्होंने कहा कि ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल, सैनिक पब्लिक स्कूल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज और आईटीआई जैसे संस्थान आत्मनिर्भर India की मजबूत नींव हैं.
उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह पिछले डेढ़ दशक से “चरैवेति-चरैवेति” के मंत्र के साथ लगातार राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा में जुटे हुए हैं. उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची देशभक्ति अपनी जन्मभूमि और समाज के लिए काम करने से सिद्ध होती है. Chief Minister ने कहा कि प्रदेश Government ऐसे सभी प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकार के उत्कृष्ट और राष्ट्रहित से जुड़े उपक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए Government हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी.
इस अवसर पर नगर विकास और ऊर्जा विभाग के मंत्री ए के शर्मा, मंत्री दारा सिंह चौहान, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, भाजपा के जिला अध्यक्ष रामाश्रय मौर्य और अस्पताल के संस्थापक ब्रिगेडियर डॉक्टर पी एन सिंह उपस्थित रहे.
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एएसएच/डीकेपी