कल्याण और अभिषेक पर हमले ‘स्क्रिप्टेड’, अभिजीत सरकार के भाई का टीएमसी पर बड़ा आरोप

कोलकाता, 1 जून . पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं के प्रति लोगों का आक्रोश देखने को मिल रहा है. पहले टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ और फिर सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले की घटना सामने आई. टीएमसी के नेता भाजपा पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन 2021 चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए अभिजीत Government के भाई ने टीएमसी पर निशाना साधा है.

से बातचीत में अभिजीत Government के भाई बिस्वजीत Government ने कहा कि साल 2021 में जब चुनाव के बाद हिंसा हुई थी, तो सबसे पहले शहीद होने वाले अभिजीत Government थे. आज टीएमसी के लोग चुनाव बाद की हिंसा को लेकर बात कर रहे हैं, लेकिन उस वक्त ये लोग कहां थे? जब टीएमसी नेताओं, विधायकों, पार्षदों और Police ने मिलकर पीट-पीटकर अभिजीत की हत्या कर दी थी.

उन्होंने कहा कि अब इन लोगों को यह सब याद आ रहा है. हम लोग इतने सालों से कोर्ट के दरवाजे खटखटा रहे हैं. एनएचआरसी की तरफ से मुआवजा देने की बात कही गई थी, लेकिन वह भी नहीं दिया गया.

उन्होंने कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर हुए हमलों को लेकर कहा कि यह पूरी तरह से स्क्रिप्टेड है. एक-दो दिन में ये लोग कोर्ट जाएंगे और सुरक्षा की मांग करेंगे. यह सब खुद ही कर रहे हैं और लोगों को दिखा रहे हैं. वे सिर्फ अतिरिक्त सुरक्षा लेना चाहते हैं.

बिस्वजीत Government ने कहा कि साल 2021 और साल 2026 में Government बनने के एक महीने बाद का सबसे बड़ा फर्क यह है कि अभिजीत Government के हत्यारे अब जेल में हैं. मुझसे ज्यादा अत्याचार किस पर हुआ? उन लोगों ने मेरे भाई की हत्या कर दी थी. अब भाजपा Government आ गई है, तो हम लोगों को बदला लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. यही टीएमसी और भाजपा Government के बीच का अंतर है.

उन्होंने कहा कि 2021 में चुनाव के बाद जब हिंसा हुई थी, तब कितने लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज हुई थी और किन लोगों पर हुई थी. आज जब कुछ जगहों पर घटनाएं हो रही हैं, उनकी First Information Report देख लीजिए. केवल संख्या से ही आपको पता चल जाएगा कि दोनों Governmentों में क्या अंतर है.

बता दें कि साल 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में अभिजीत Government की हत्या कर दी गई थी. वह भाजपा के कार्यकर्ता थे. उनकी 2 मई 2021 को कोलकाता के कांकुड़गाछी इलाके में हत्या कर दी गई थी. इस मामले की शुरुआती जांच पश्चिम बंगाल Police ने की थी, लेकिन बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच शुरू की. इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

एएमटी/एबीएम

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