सीएम स्टालिन ने जलाई परिसीमन प्रस्ताव की प्रति, काला झंडा लगाकर किया विरोध

चेन्नई, 16 अप्रैल . तमिलनाडु में परिसीमन के मुद्दे को लेकर डीएमके प्रमुख और राज्य के Chief Minister एमके स्टालिन ने Thursday को विरोध जताते हुए काला झंडा फहराया और परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव की प्रति को जलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया.

इस दौरान सीएम स्टालिन ने नारा दिया, ‘तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा.’

Chief Minister के आह्वान के बाद पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. चेन्नई में उनके आवास के बाहर भी काला झंडा फहराया गया. Chief Minister द्वारा ‘निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन विधेयक’ की प्रतियां जलाए जाने के बाद, डीएमके सुबह 11:00 बजे विधेयक की प्रतियां जलाकर पूरे राज्य में निगम, शहर, कस्बा, संघ, वार्ड और बूथ स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी. डीएमके ने जनता से यह अपील भी की है कि वे केंद्र Government के इस विधेयक की निंदा करते हुए, Thursday से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों तक अपने सभी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर काले झंडे फहराएं.

दरअसल, सीएम स्टालिन ने एक दिन पहले Wednesday को वीडियो संदेश जारी कर तमिलनाडु के लोगों से अपील की थी कि वे Thursday को अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर काले झंडे लगाकर इस प्रस्ताव के खिलाफ विरोध दर्ज कराएं.

अपने वीडियो संदेश में Chief Minister स्टालिन ने परिसीमन के प्रस्ताव को तमिलनाडु के लिए गंभीर खतरा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया दक्षिणी राज्यों के साथ विश्वासघात है और इससे उत्तरी राज्यों की Political ताकत और मजबूत होगी.

उन्होंने कहा, “तमिलनाडु चुप नहीं बैठेगा. हर परिवार सड़कों पर उतरकर विरोध करेगा. मैंने पहले भी अपने वीडियो में यह बात कही थी.” सीएम स्टालिन ने केंद्र Government पर निशाना साधते हुए कहा कि अच्छे सुझावों को नजरअंदाज किया जा रहा है और इस संशोधन के जरिए तमिलनाडु की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है.

Chief Minister स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र Government दावा कर रही है कि तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी लेकिन हकीकत में सीटों का निर्धारण उत्तरी राज्यों की जरूरतों के अनुसार किया जा रहा है. वहीं, दक्षिणी राज्यों की आवश्यकताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है.

Chief Minister ने सवाल उठाया था, “क्या जनसंख्या नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की हमें सजा दी जा रही है? अगर हम देश के विकास के लिए खड़े होते हैं, तो क्या हमारी Political ताकत छीन ली जाएगी?”

वीडियो संदेश में उन्होंने आगे कहा था कि इस प्रक्रिया के जरिए तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों के लोगों को ‘दूसरे दर्जे का नागरिक’ बनाने की कोशिश की जा रही है.

सीएम स्टालिन ने लोगों से एकजुट होकर इस प्रस्तावित कानून का विरोध करने की अपील की थी और इसे ‘काला कानून’ बताया था. वीडियो संदेश में उन्होंने कहा था कि अब समय आ गया है कि तमिलनाडु के लोग दिल्ली में भाजपा को अपनी ताकत दिखाएं.

Chief Minister ने चेतावनी दी थी कि परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए और इस कानून को लागू नहीं होने दिया जाएगा.

वीकेयू/पीएम

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