असम में संरक्षित वन क्षेत्र का 403.62 वर्ग किमी विस्तार, जयपुर शहर के बराबर: सीएम सरमा

गुवाहाटी, 18 अगस्त . असम ने अपने संरक्षित वन क्षेत्र नेटवर्क में 403.62 वर्ग किलोमीटर का विस्तार किया है. Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Tuesday को इसे राज्य के संरक्षण परिदृश्य का अभूतपूर्व विस्तार बताते हुए कहा कि जोड़ा गया क्षेत्रफल लगभग jaipur शहर के बराबर है.

Chief Minister ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि असम India के संरक्षण मानचित्र का विस्तार कर रहा है. उन्होंने इसे राज्य में वन और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया.

सरमा के अनुसार, वर्ष 2016 से अब तक असम के संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में 403.62 वर्ग किलोमीटर भूमि जोड़ी गई है. इससे राज्य में वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को मजबूती मिलने के साथ ही संरक्षण क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होने की उम्मीद है.

Chief Minister ने विशेष रूप से काजीरंगा परिदृश्य पर इस विस्तार के प्रभाव को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि नए क्षेत्रों को शामिल किए जाने से काजीरंगा को अधिक सतत और जुड़ा हुआ संरक्षण क्षेत्र बनाने में मदद मिली है.

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम के प्रमुख वन्यजीव स्थलों में शामिल है और एक सींग वाले गैंडे की आबादी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. यहां हाथी, बाघ, जंगली भैंसे के अलावा प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की कई प्रजातियां भी पाई जाती हैं.

असम जैव विविधता के लिहाज से देश के महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है. यहां कई राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और अन्य पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं, जो विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करते हैं.

राज्य Government पिछले कुछ वर्षों से वन्यजीव गलियारों को मजबूत करने, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और संरक्षण क्षेत्रों के विस्तार पर जोर दे रही है. इसका उद्देश्य जंगलों पर बढ़ते दबाव को कम करने और वन्यजीवों के आवासों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है.

403.62 वर्ग किलोमीटर के नए क्षेत्र को संरक्षित नेटवर्क में शामिल किए जाने से जैव विविधता से समृद्ध इलाकों को बेहतर सुरक्षा मिलने और दीर्घकालिक संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है. Government का कहना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए संरक्षित क्षेत्रों को मजबूत करना जरूरी है.

Chief Minister सरमा की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब असम में वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है. राज्य में संरक्षण संबंधी पहलों का उद्देश्य वन्यजीवों के लिए बड़े और अधिक जुड़े हुए प्राकृतिक परिदृश्य तैयार करना है.

403.62 वर्ग किलोमीटर का यह विस्तार असम के संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में राज्य की भूमिका को और मजबूत करता है.

डीएससी

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