पीएम केयर योजना के बच्चों के बीच पहुंची सीएम रेखा गुप्ता, बोलीं- ये सभी मेरे परिवार

New Delhi, 16 दिसंबर . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Tuesday को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत पंजीकृत बच्चों के साथ संवाद किया. दिल्ली सचिवालय में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम उन बच्चों के लिए सहयोगात्मक, संरक्षणात्मक और संवेदनशील देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक अथवा दत्तक माता-पिता को खो दिया है.

Chief Minister ने बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत की तथा उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं भावनात्मक आवश्यकताओं की जानकारी ली. उन्होंने बच्चों को हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि दिल्ली Government इन बच्चों को केवल किसी योजना के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के सदस्य के रूप में देखती है.

Chief Minister ने बच्चों को चॉकलेट भेंट कर स्नेह व्यक्त किया तथा प्रत्येक बच्चे का उसके संबंधित जिला मजिस्ट्रेट से परिचय कराया, ताकि बच्चों को यह भरोसा मिल सके कि प्रशासन हर स्तर पर उनके साथ खड़ा है. इस अवसर पर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे.

Chief Minister ने पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के सभी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें और अधिक सुदृढ़ करने के लिए दिल्ली Government की पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि Government का उद्देश्य केवल तात्कालिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि इन बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ाना है.

Chief Minister ने जानकारी दी कि दिल्ली में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जा रहा है. योजना के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो इन बच्चों के संरक्षक के रूप में निरंतर निगरानी और देखभाल सुनिश्चित कर रहे हैं.

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना को Prime Minister Narendra Modi द्वारा 29 मई 2021 को प्रारंभ किया गया था. यह योजना उन बच्चों के लिए है जिन्होंने वर्ष 2020 से प्रारंभ हुई कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक अथवा दत्तक माता-पिता को खो दिया.

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों की समग्र देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना, शिक्षा और स्वास्थ्य के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना तथा 23 वर्ष की आयु तक पहुंचने पर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. योजना के अंतर्गत बच्चों को वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा एवं आवास से संबंधित विभिन्न लाभ प्रदान किए जाते हैं. यह योजना न केवल बच्चों को संरक्षण और सहयोग प्रदान करती है, बल्कि उनके दीर्घकालीन विकास और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव भी रखती है.

डीएससी

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