सीएम रेखा गुप्ता ने मेट्रो फेज-V (ए) के तीन नए कॉरिडोर को दी स्वीकृति

New Delhi, 11 फरवरी . Chief Minister रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली Government ने राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. Chief Minister की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मेट्रो फेज-V(ए) को स्वीकृति दे दी गई है.

उन्होंने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 16 किलोमीटर की लंबाई वाले तीन नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें 13 मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे. इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 12,014.91 करोड़ रुपए है, जिसमें दिल्ली Government का बजटीय हिस्सा 2,940.46 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है. इस परियोजना को वर्ष 2028 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

सीएम रेखा गुप्ता ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए Prime Minister Narendra Modi को धन्यवाद दिया है और कहा कि यह परियोजना परिवहन व्यवस्था से जुड़े Prime Minister के उस ‘7-सी विजन’ को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है, जिसका अर्थ है- साझा, सुलभ, सुविधाजनक, जाम-मुक्त, ऊर्जावान, स्वच्छ और अत्याधुनिक परिवहन.

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करना अनिवार्य है और यह विस्तार इसी दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. Chief Minister ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली Government Prime Minister के विजन के अनुरूप राजधानी को विश्वस्तरीय और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही, उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए परिवहन प्रणाली को एकीकृत और जन-केंद्रित बनाने के लिए केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने इस निर्णय को दिल्ली के भविष्य के लिए निवेश बताते हुए कहा कि इन नए कॉरिडोर के बनने से न केवल यातायात पर दबाव कम होगा, बल्कि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी. स्वीकृत किए गए तीन कॉरिडोर में आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा के रास्ते), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एरोसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) शामिल हैं. बनाए जाने वाले कुल 13 स्टेशनों में 10 स्टेशन अंडरग्राउंड और 3 स्टेशन एलिवेटेड होंगे. यह विस्तार मौजूदा मेट्रो नेटवर्क के साथ निर्बाध इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करेगा और हवाई अड्डे, वाणिज्यिक केंद्रों व आवासीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा. Government का लक्ष्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम कर नागरिकों को स्वच्छ, कुशल और एकीकृत परिवहन प्रणाली उपलब्ध कराना है.

फेज-V(ए) का सबसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक प्रस्तावित है, जिसकी कुल लंबाई 9.913 किलोमीटर है. इस लाइन पर 9 स्टेशन प्रस्तावित हैं. यह कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगा और दिल्ली के प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्रों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर सभी कर्तव्य भवनों को आपस में जोड़ने का भी काम करेगा. इससे इस इलाके में काम करने वाले Governmentी कर्मचारियों और आने वाले लोगों को सीधे अपने कार्यालय तक पहुंचना आसान हो जाएगा. इस सुविधा से प्रतिदिन लगभग 60 हजार कर्मचारी और करीब 2 लाख यात्रियों को लाभ मिलेगा.

इसके अलावा, यह कॉरिडोर प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों के इस्तेमाल को कम करने में मदद करेगा, जिससे लोगों का जीवन और भी सहज व सुविधाजनक बनेगा. इस कॉरिडोर से आर. के. आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, सीसीएस बिल्डिंग्स, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, India मंडपम और इंद्रप्रस्थ जैसे प्रमुख और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान मेट्रो से सीधे जुड़ेंगे. यह कॉरिडोर न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय आयोजनों, प्रशासनिक गतिविधियों और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को भी आसान बनाएगा. इस कॉरिडोर पर कुल 9,570.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें से 2,337.24 करोड़ रुपए दिल्ली Government खर्च करेगी.

फेज-V(ए) का दूसरा महत्वपूर्ण कॉरिडोर एयरोसिटी से इंदिरा गांधी घरेलू हवाई अड्डा टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) तक प्रस्तावित है. इस कॉरिडोर की लंबाई 2.26 किलोमीटर है और इस पर एक स्टेशन प्रस्तावित है. यह कॉरिडोर हवाई यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और एयरपोर्ट तक मेट्रो की सीधी, तेज और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करेगा. इससे निजी वाहनों और टैक्सियों पर निर्भरता कम होगी और एयरपोर्ट क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव घटेगा. इस परियोजना की लागत 1,419.64 करोड़ रुपए होगी, जिसमें 351.86 करोड़ रुपए दिल्ली Government देगी.

फेज-V(ए) का तीसरा कॉरिडोर तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक प्रस्तावित है. इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 3.9 किलोमीटर है, और इस पर 3 स्टेशन प्रस्तावित हैं. यह कॉरिडोर दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और स्थानीय यात्रियों के लिए आवागमन को अधिक सहज बनाएगा. इस कॉरिडोर की लागत 1,024.87 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 251.36 करोड़ रुपए दिल्ली Government वहन करेगी.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो का विस्तार राजधानी के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है. वर्तमान नेटवर्क और फेज-V(ए) के तहत प्रस्तावित नए कॉरिडोर दिल्ली और एनसीआर के परिवहन तंत्र को और अधिक सक्षम, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाएंगे. Chief Minister ने कहा कि मेट्रो के विस्तार से यात्रियों को सुगम और समयबद्ध यात्रा सुविधा मिलेगी, सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. दिल्ली Government राजधानी को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लक्ष्य के साथ सार्वजनिक परिवहन को लगातार सशक्त कर रही है और मेट्रो नेटवर्क का यह विस्तार इसी दिशा में ठोस कदम है.

डीकेपी/

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