‘सस्ता और आकर्षक ईंधन विकल्प’: सरकारी पैनल ने की सीएनजी पर एक्साइज ड्यूटी हटाने की सिफारिश

New Delhi, 17 अप्रैल . पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा समर्थित एक उच्चस्तरीय Governmentी समिति ने कीमतों को कम करने और हरित ईंधन की खपत को बढ़ावा देने के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस यानी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) पर लगने वाली उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) हटाने की सिफारिश की है, ताकि 2030 तक देश के ईंधन मिश्रण में नेचुरल गैस की 15 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के देश के लक्ष्य को पूरा किया जा सके.

समिति की मुख्य सिफारिशों में 14 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी को खत्म करना शामिल है, जिससे सीएनजी एक सस्ता और आकर्षक ईंधन विकल्प बन सके. इसके साथ ही, सीएनजी वाहनों पर GST को घटाकर 5 प्रतिशत करने का सुझाव दिया गया है ताकि इन्हें इलेक्ट्रिक वाहनों के बराबर लाकर अपनाने को तेज किया जा सके.

सिफारिशों में यह भी कहा गया है कि सीएनजी और पेट्रोल के बीच कीमत का अंतर बनाए रखा जाए, ताकि लोग पेट्रोल की जगह सीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित हों. इस टैक्स राहत का फायदा करीब 1.9 करोड़ परिवारों और 38.41 लाख उपभोक्ताओं को मिलने की संभावना है.

दरअसल, अभी सीएनजी पर 14 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट लगने के कारण कुछ क्षेत्रों, खासकर दक्षिण India में, यह ईंधन महंगा पड़ता है और इसकी प्रतिस्पर्धा कम हो जाती है.

इसी बीच, Government परिवारों को एलपीजी की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं, और मार्च से अब तक करीब 4.58 लाख नए कनेक्शन चालू किए गए हैं, जबकि 5.1 लाख नए उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है.

15 अप्रैल तक लगभग 35,000 उपभोक्ताओं ने मायपीएनजीडी.इन वेबसाइट के जरिए अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं. राज्यों को घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन देने में सहयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

Government स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में नेचुरल गैस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएनजीआरबी और राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है. इसी रणनीति के तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है.

पीएनजीआरबी द्वारा अधिकृत संस्थाओं के नेतृत्व में, सीजीडी नेटवर्क अब देश के लगभग 307 भौगोलिक क्षेत्रों तक फैल चुका है, जो द्वीपों को छोड़कर देश के लगभग 100 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है और 34 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 784 जिलों तक पहुंचता है.

Government ने इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं, जिनमें सस्ती घरेलू गैस की आपूर्ति, सप्लाई प्रक्रिया को आसान बनाना, Governmentी और रक्षा आवासों में पीएनजी को अनिवार्य करना, और सीजीडी प्रोजेक्ट्स को पब्लिक यूटिलिटी का दर्जा देना शामिल है.

डीबीपी

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