मध्यपूर्व तनाव के बीच एयरलाइंस के लिए 5 हजार करोड़ रुपए की क्रेडिट सपोर्ट स्कीम लाने पर केंद्र कर रहा विचार: रिपोर्ट

New Delhi, 27 अप्रैल . मध्य पूर्व में तनाव के चलते प्रभावति हुई भारतीय एयरलाइंस के लिए केंद्र Government 5,000 करोड़ रुपए की क्रेडिट सपोर्ट स्कीम लाने पर विचार कर रही है. इससे देश के एविएशन सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई.

एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित योजना को आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत लागू किए जाने की संभावना है, जिसमें Government मध्य पूर्व तनाव से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों को समर्थन देने के लिए लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए के विस्तारित पैकेज पर काम कर रही है.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया, एयरलाइंस को ईसीएलजीएस के माध्यम से Government के सपोर्ट से क्रेडिट लेने की अनुमति दी जा सकती है, जिसमें प्रति एयरलाइन लगभग 1000 करोड़ रुपए की क्रेडिट लिमिट होगी.

यह योजना पांच साल तक चलने की उम्मीद है, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है, और इसके तहत दिए गए ऋणों पर Government 90 प्रतिशत तक की गारंटी दे सकती है.

सूत्रों ने आगे कहा कि प्रस्तावित एयरलाइन राहत योजना वैश्विक अनिश्चितताओं के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए Government द्वारा तैयार किए जा रहे व्यापक संकट समर्थन ढांचे का हिस्सा है.

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष सहित बढ़ते भू-Political तनाव विमानन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर लगातार दबाव डाल रहे हैं, जो ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यवधानों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है.

इस महीने की शुरुआत में, नागर विमानन मंत्रालय ने अप्रैल 2026 के लिए डीजीसीए द्वारा अनुमोदित फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (एफटीओ) रैंकिंग के दूसरे चरण की घोषणा की, जो प्रशिक्षण मानकों में समग्र सुधार को दर्शाती है, जिसमें एक संस्थान शीर्ष ‘ए’ श्रेणी में शामिल हुआ है.

नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के मार्गदर्शन में विकसित इस रैंकिंग ढांचे का उद्देश्य देश भर के फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा मानकों को बढ़ाना है.

एबीएस/

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