सीएपीएफ ने आठ साल में 6.40 करोड़ पेड़ लगाए : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

अगरतला, 5 जून . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Friday को कहा कि सेंट्रल आर्म्ड Police फोर्सेज (सीएपीएफ) ने जंगलों की सुरक्षा और India के पर्यावरण को मजबूत करने की कोशिशों के तहत पिछले आठ वर्षों में पूरे देश में 6.40 करोड़ पेड़ लगाए हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री ने पश्चिम त्रिपुरा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर बीएसएफ जवानों को संबोधित किया. उन्‍होंने कहा कि इस साल कम संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे क्योंकि उन पौधों को बदलने पर भी ध्यान दिया जाएगा जो पहले लगाए गए थे, लेकिन बच नहीं पाए.

उन्होंने कहा, “2019 से सीएपीएफ ने मिलकर पूरे देश में विभिन्न प्रजातियों के 6.40 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए हैं. इस साल, लगभग 40 लाख से 60 लाख पेड़ लगाए जाएंगे और उन क्षेत्रों में फिर से पेड़ लगाए जाएंगे, जहां पहले लगाए गए पेड़ बच नहीं पाए थे.”

शाह ने कहा कि सीएपीएफ अगले साल दो करोड़ पेड़ लगाने की योजना बना रही है, जो जंगल के दायरे को बढ़ाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए जारी राष्ट्रव्यापी प्रयास का हिस्सा है. तेजी से हो रहे शहरीकरण और विकास कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के कारण तापमान बढ़ रहा है और जलवायु परिवर्तन हो रहा है, जिससे कृषि और मानव जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है और ओजोन परत को नुकसान पहुंच रहा है.

उन्होंने कहा, “बदलते पर्यावरणीय हालात का सामना करने का एकमात्र समाधान जंगल के दायरे को बढ़ाना, मौजूदा जंगलों की रक्षा करना और पर्यावरण के अनुकूल उपाय अपनाना है.”

विश्व पर्यावरण दिवस पर शाह ने त्रिपुरा के Chief Minister माणिक साहा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ बांग्लादेश सीमा पर लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए.

उन्होंने सभी संबंधित लोगों से आने वाली पीढ़ियों के लाभ के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने का आग्रह किया और कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने हमेशा ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण पर जोर दिया है.

शाह ने कहा कि India जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते का सक्रिय रूप से पालन कर रहा है और सतत विकास के प्रति देश की प्रतिबद्धता पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि लोगों को पर्यावरण की देखभाल वैसे ही करनी चाहिए जैसे वे अपने बच्चों और प्रियजनों की करते हैं. जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सभी के कल्याण के लिए जरूरी है.

गृह मंत्री ने चेतावनी दी, “अगर हमने आज ही कदम नहीं उठाए और नुकसान की भरपाई के लिए काम नहीं किया, तो धरती का बढ़ता तापमान, जलवायु परिवर्तन और ओजोन परत में बड़े छेद इस ग्रह को रहने लायक नहीं छोड़ेंगे.”

उन्होंने आगे कहा कि Prime Minister ने कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने, पर्यावरण के अनुकूल बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने और ऊर्जा की खपत कम करने के लिए कई समन्वित उपाय शुरू किए हैं. एक तरह से, पेरिस सम्मेलन में India के मॉडल को जलवायु कार्रवाई के लिए एक आदर्श ढांचे के तौर पर मान्यता दी गई थी.

एएसएच/एबीएम

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