
New Delhi, 19 अगस्त . कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) घोटाला मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी, ओबीसी जनगणना, वंदे मातरम विवाद और Jharkhand में जेपीएससी विरोध को लेकर भाजपा और केंद्र Government पर निशाना साधा.
दिल्ली जल बोर्ड में गड़बड़ी के मामले में एसीबी द्वारा सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर तारिक अनवर ने कहा, “यह भाजपा का एजेंडा है कि विपक्षी नेताओं को बदनाम करना, गिरफ्तार करना और परेशान करना, ताकि वे आखिरकार भाजपा में शामिल हो जाएं. जिन लोगों पर गंभीर आरोप और भ्रष्टाचार के मामले थे, वे अब मंत्री बन गए हैं और भाजपा ने उन्हें अहम जिम्मेदारियां दी हैं. जैसा कि कहा जाता है, जो कोई भी भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ में धुल जाता है, वह पाक साफ हो जाता है.”
तारिक अनवर ने राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ओबीसी समाज अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरा तो Government को झुकना पड़ेगा. कांग्रेस नेता ने कहा, “अभी जो जनगणना हो रही है, उसमें ओबीसी के लिए कोई कॉलम नहीं है. इसे लेकर ओबीसी समुदाय में बहुत गुस्सा और नाराजगी है.”
उन्होंने सवाल किया, “उनकी कैटेगरी को क्यों हटाया गया है? एक तरह से देखा जाए तो हमारे देश में ओबीसी की आबादी सबसे ज्यादा है. इनमें हिंदू और मुसलमान दोनों शामिल हैं. अगर आप उन्हें ही हटा देंगे तो जनगणना का क्या मतलब रह जाएगा?”
वंदे मातरम को लेकर छिड़े विवाद पर तारिक अनवर ने कहा, “आजादी के 80 साल हो गए, और आजादी के पहले से यह गीत गाया जाता रहा है. इसे महात्मा गांधी से लेकर Narendra Modi तक गाए हैं, लेकिन Government संशोधन करके कह रही है कि इसे जो नहीं गाएगा, उसपर मुकदमा चलेगा. भाजपा ने यह विवाद जानबूझकर देश में खड़ा किया है, ताकि वास्तविक समस्याओं से लोगों का ध्यान हटे.”
Jharkhand में जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य Government की तारीफ करनी चाहिए कि उसने पहल की है और छात्रों को विश्वास में लेने की कोशिश की. उन्होंने कहा, “जो कमी है, उसे आगे दूर करने की कोशिश जारी रहेगी, जैसा Chief Minister ने कहा है. आंदोलित छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल तोड़ दी है, लेकिन उनकी मांग अब भी है कि जांच सीबीआई को सौंपी जाए. लेकिन मेरा व्यक्तिगत सोच है कि सीबीआई बहुत निष्पक्ष नहीं रह गई है. Supreme Court ने भी टिप्पणी की थी कि वह पिंजरे में तोते की तरह है.”
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एससीएच/डीकेपी