
Bengaluru, 27 अप्रैल . कर्नाटक भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने Monday को Bengaluru के Police आयुक्त सीमंथ कुमार सिंह से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने उमर खालिद के समर्थन में होने वाले एक कार्यक्रम को रद्द करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा और कहा कि इससे Bengaluru शहर की शांति प्रभावित हो सकती है.
उमर खालिद फिलहाल आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत गिरफ्तार हैं और जेल में बंद हैं.
भाजपा ने कहा, ”हम आपसे शहर के हित में हमारे अनुरोध पर विचार करने और इस कार्यक्रम को रद्द करने की अपील करते हैं.”
इस प्रतिनिधिमंडल में Bengaluru सेंट्रल के सांसद पी.सी. मोहन, भाजपा के राज्य प्रवक्ता एस. प्रकाश, Bengaluru नॉर्थ जिला अध्यक्ष एस. हरिश और Bengaluru सेंट्रल जिला अध्यक्ष सप्तगिरी गौड़ा शामिल थे.
भाजपा प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिए गए पत्र में कहा गया, ”Bengaluru शहर में ‘उमर खालिद प्रपंच (उमर खालिद की दुनिया)’ नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया जाना है, जिसका उद्देश्य उमर खालिद के समर्थन में आवाज उठाना है. देशभर में केंद्र Government ने नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, लेकिन शहरी नक्सल तत्व अभी सक्रिय हैं और अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का समर्थन कर रहे हैं.”
पत्र में आगे कहा गया, ”उमर खालिद पर बहुत गंभीर आरोप हैं. पिछले तीन वर्षों से अदालतों द्वारा उन्हें जमानत नहीं दिए जाने से इसका अंदाजा लग जाता है. ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन करना अपराधी तत्वों को बढ़ावा देने जैसा होगा. यह चौंकाने वाली बात है कि हमारे शहर में ऐसा कार्यक्रम हो रहा है.”
पत्र में यह भी कहा गया है कि यह भी गंभीर चिंता का विषय है कि शहर में पहले से ही उमर खालिद के समर्थन में नारे और दीवारों पर लिखावट दिखाई दे रही है, जो ऐसे नेटवर्क के फैलने का संकेत देती है.
शहर में शांति बनाए रखने के हित में हम अनुरोध करते हैं कि इस कार्यक्रम की दी गई अनुमति वापस ली जाए. अगर कार्यक्रम होता है और कोई कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होती है, तो इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार नहीं होगी.
भाजपा ने शहर में उमर खालिद के समर्थन में लिखी गई दीवारों (ग्रैफिटी) के वीडियो भी जारी किए. इन पर ‘फ्री उमर खालिद’ और ‘जस्टिस फॉर उमर खालिद’ जैसे नारे लिखे हुए थे.
इस मुद्दे पर हिंदू जनजागृति समिति से जुड़े मोहन गौड़ा ने कहा, ”उमर खालिद, जो यूएपीए के तहत 6 साल से जेल में हैं और दिल्ली दंगों के मामले में 56 निर्दोष लोगों की मौत के आरोपों का सामना कर रहा है. ऐसे व्यक्ति का बैंगलोर इंटरनेशनल सेंटर में महिमामंडन करना स्वीकार्य नहीं है. Government को ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति नहीं देनी चाहिए.”
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एएमटी/वीसी