भाजपा नेताओं का विपक्ष पर तंज, कहा-27 साल तक महिलाओं को रोका, अब भी अड़ंगा डाल रहा विपक्ष

New Delhi, 16 अप्रैल . नारी वंदन शक्ति अधिनियम और महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद के भीतर और बाहर Political बयानबाजी तेज हो गई है. सत्तारूढ़ भाजपा के कई सांसदों ने इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए विपक्ष पर महिलाओं के सशक्तीकरण में बाधा डालने का आरोप लगाया है.

BJP MP दिनेश शर्मा ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर कहा, “27 वर्षों तक इन लोगों ने महिलाओं को उनका अधिकार देने का कार्य नहीं किया और विपक्ष आज भी नहीं चाहता कि महिलाओं को उनके सशक्तीकरण का अधिकार मिले, इसलिए वे आज बहानेबाजी करते हैं. अब विधानसभा और Lok Sabha में उन्हें उनका प्रतिनिधित्व मिले, यह आवश्यक है. मैं समझता हूं कि ये बिल न केवल ऐतिहासिक है बल्कि India के इतिहास की एक बहुत बड़ी घटना है.”

BJP MP रविकिशन ने कहा, “विपक्ष ये बिल लेकर नहीं आया है. देश की महिलाएं कह रही हैं कि ये बिल अभी तक क्यों नहीं आया. इससे बड़ा कदम कुछ नहीं हो सकता. विरोधी चिल्ला रहे हैं क्योंकि अब महिलाएं राजनीति में आएंगी.”

BJP MP बांसुरी स्वराज ने कहा, “आज का दिन India की मातृशक्ति के लिए बहुत ही ऐतिहासिक दिन है. विपक्ष के सभी साथियों से मैं आग्रह करती हूं, यह वचन पूर्ति का क्षण है. हम सभी ने, पूरे सदन ने देश की मातृशक्ति से वादा किया था कि इसे 2029 तक लागू करेंगे. आज विपक्ष जिस प्रकार की बहानेबाजी कर रहा है, वह सही नहीं है. मैं उनसे कहना चाहती हूं कि आप देश के मतदाताओं को भ्रमित न करें. परिसीमन भाजपा का प्रपंच नहीं है. बिल देखिए, इसमें किसी के अधिकारों का हनन नहीं हो रहा है.”

BJP MP शशांक मणि ने कहा, “यह बहुत महत्वपूर्ण बिल है. हमें इसे विलंबित नहीं करना चाहिए. यदि हम चाहेंगे कि यह 2026 की जनगणना पर ही आधारित हो नहीं तो ये महिला अधिनियम पांच साल के लिए फिर टल जाएगा जो महिलाओं के लिए, देश के लिए और विश्व के लिए खतरा है. मेरा पूरा विश्वास है कि सभी लोग इसे सर्वसम्मित से पारित करेंगे.”

BJP MP मदन राठौड़ ने कहा, “विपक्ष के नेताओं को पता नहीं है कि छोटे राज्यों की मांग क्यों होती है? छोटे राज्यों की मांग इसलिए होती है क्योंकि काम सही ढंग से होगा. इसी प्रकार अगर Lok Sabha विधानसभा की सीमाएं छोटी होंगी तो निगरानी सही ढंग से होगी. विकास की योजनाएं आम नागरिक तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी.”

BJP MP मनन कुमार मिश्रा ने कहा, “देश के लोगों में भ्रम फैलाना और महिला आरक्षण को किसी तरह बाधित करना विपक्ष का उद्देश्य है. इसी उद्देश्य से इन लोगों ने बैठक की और प्लान किया कि कैसे महिला आरक्षण को रोका जाए. 40-50 सालों तक इन्होंने राज किया, लेकिन इनके दिमाग में ये नहीं आया. परिसीमन की जरूरत है. जब जनसंख्या बढ़ गई है तो उस हिसाब से समान परिसीमन आवश्यक है. Lok Sabha की सीटें बढ़ेंगी. कहीं कोई दिक्कत नहीं है.”

BJP MP बृजलाल ने कहा, “पहले वे लोग मुद्दा उठा रहे थे कि दक्षिण India की आबादी कम है, यदि जनगणना के हिसाब से (परिसीमन) होगा तो हमें नुकसान होगा. अब जब उसके हिसाब से डेढ़ गुना की बढ़ोतरी कर दी गई है तो उन्हें क्या समस्या होनी चाहिए? विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है, डीएमके तो किसी भी निर्णय का विरोध ही करता है. केवल चुनाव की वजह से विरोध का रूप अपनाया जा रहा है जो उचित नहीं है.”

एसएके/पीएम

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