भाजपा नेता तरुण चुघ ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, बोले- ‘खेला होवे’ की राजनीति ने दम तोड़ा

New Delhi, 25 मई . पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा के चुनाव परिणाम पर भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ की प्रतिक्रिया सामने आई है. से बातचीत में उन्होंने कहा कि फाल्टा की जनता ने साफ कर दिया कि बंगाल अब टीएमसी के डर, धमकी, जिहाद और निर्ममता से हिंसा की राजनीति को स्वीकार करने वाला नहीं है. लोकतंत्र के इस ऐतिहासिक जीत ने ममता बनर्जी के दमनकारी, अत्याचारी और सिंडिकेट मॉडल को करारा जवाब दिया है.

तरुण चुघ ने कहा कि जिस सीट को टीएमसी अपना अभेद्य किला मानती थी, वहां बंगाल की जनता ने भाजपा को प्रचंड समर्थन देकर साबित कर दिया कि बंगाल में परिवर्तन की सुनामी भाजपा के पक्ष में चल रही है. टीएमसी की ‘खेला होवे’ की अत्याचारी राजनीति ने दम तोड़ दिया.

उन्होंने कहा कि फाल्टा का परिणाम ये संदेश दे रहा है कि जनता भयमुक्त मतदान की ओर बढ़ी है. टीएमसी कार्यकर्ताओं के हमले, धमकियों और दबाव के बावजूद जनता ने लोकतंत्र का झंडा बुलंद किया है.

घुसपैठियों को लेकर उन्होंने कहा कि टीएमसी ने गृह मंत्रालय की गाइडलाइन की खुलेआम अवहेलना करके बंगाल को अवैध घुसपैठियों का सुरक्षित पनाहगाह बना दिया था. भाजपा ने सत्ता संभालते ही इन राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के रास्ते पर दीवार खड़ी कर दी है. बंगाल अब घुसपैठियों के निर्वासन की भूमि बनेगा. सुवेंदु Government ने पहले ही कदम पर दिखा दिया कि बंगाल अस्मिता को बचाने के संकल्प से एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा.

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की घुसपैठिया बचाओ की नीति है, अब बंगाल स्वीकार नहीं करता. ममता बनर्जी की हताशा, निराशा और कुंठा स्पष्ट दिख रही है.

मंत्री दिलीप घोष ने भी फाल्टा चुनाव परिणाम को लेकर से कहा कि अगर बंगाल में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव होता तो टीएमसी पहली बार जीतने के बाद दोबारा नहीं जीतती. सीपीआई(एम) भी इसी आधार पर जीतता था. बंगाल की वास्तविक स्थिति फाल्टा में दिखाई दी. वहां कोई पुष्पा दिखाई नहीं दे रहा है और अब वहां टीएमसी का अस्तित्व ही नहीं है. उन्होंने कहा कि पूरे बंगाल में टीएमसी की यही स्थिति होने वाली है.

–आईएएएस

एसडी/पीएम

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