
New Delhi, 17 जून . Maharashtra में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की बात पर संजय राउत का विवादित बयान सामने आया है. इस पर एनडीए नेताओं ने राउत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें यह सोचना चाहिए कि उनके अपने लोग पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं?
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा, “यह उनकी असली सोच को दिखाता है. जो पार्टी बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों पर बनी होने का दावा करती है, वह आज कहां खड़ी है? आज वह कांग्रेस के साथ खड़ी है. संजय राउत ने खुद शिवसेना (यूबीटी) को जितना नुकसान पहुंचाया है, उतना किसी दूसरी पार्टी ने नहीं पहुंचाया. वे दूसरी पार्टी के हितैषी बनकर शिवसेना (यूबीटी) को खत्म करने का काम कर रहे हैं.”
भाजपा नेता राम कदम ने राउत पर निशाना साधते हुए कहा, “यह उनकी आदत है. वे अक्सर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन उनमें कोई दम नहीं होता. ये आपके ही लोग हैं, फिर भी आप उन्हें रोक नहीं पा रहे हैं. क्या वे स्कूली बच्चे हैं या सांसद? शिकायत करने के बजाय आपको इस बात पर सोचना चाहिए कि आपके अपने लोग क्यों छोड़कर जा रहे हैं? आप उन्हें साथ बनाए रखने में भी सक्षम नहीं हैं. विधायक जा रहे हैं, मंत्री जा रहे हैं, पार्षद जा रहे हैं, सांसद जा रहे हैं. इसके पीछे जरूर कोई वजह होगी.”
राम कदम ने आगे कहा कि इस स्थिति के दो मुख्य कारण हैं, उद्धव ठाकरे का अहंकार और बालासाहेब ठाकरे की मुख्य हिंदुत्व विचारधारा से उनका दूर जाना.
भाजपा राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “जिनका अपना काम-काज ही हॉर्स ट्रेडिंग के इर्द-गिर्द घूमता रहा हो और जिनकी नींव जबरन वसूली, दादागिरी और भ्रष्टाचार पर टिकी हो, क्या वे सच में दूसरों पर उंगली उठा सकते हैं? उन्होंने जब से कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है, तब से उनकी पार्टी में असंतोष पनप रहा है.”
BJP MP राहुल सिन्हा ने कहा, “यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है. हम किसी और के झगड़ों में दखल नहीं देना चाहते. हम अपने रास्ते पर आगे बढ़ना चाहते हैं.”
BJP MP प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि दलों में टूट होना, उनका आंतरिक विषय है. भाजपा किसी की आंतरिक बातों में दखल नहीं देती. भाजपा का एनडीए पहले से मजबूत है. हमें किसी अतिरिक्त मजबूती की जरूरत नहीं है.
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “पार्टी ही टूट रही है. अराजकता पर चिंतन नहीं करेंगे, अहंकार में रहेंगे तो झटके झेलने होंगे. धूल और गंदगी चेहरे पर है और दर्पण को साफ करने में लगे हैं. उन्हें पता होना चाहिए कि उनकी पार्टी में जागीरदारी जख्मी हो चुकी है. अहंकार सिर पर चढ़कर बोल रहा है.”
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डीकेएम/एबीएम