
Bhopal , 26 अप्रैल . सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) Monday को Madhya Pradesh विधानसभा के एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय सत्र में महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष से आमने-सामने होगी.
इस सत्र का उद्देश्य जनभावना को एकजुट करना और राज्य Government द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन को औपचारिक रूप देना है. यह एक ऐतिहासिक विधायी उपाय है, जिसका लक्ष्य Lok Sabha और विभिन्न राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना है.
हालांकि, विपक्ष के विरोध के कारण यह विधेयक हाल ही में पारित नहीं हो सका, जिससे अपेक्षित सहमति नहीं बन पाई.
मीडिया से बात करते हुए Chief Minister मोहन यादव ने Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना की और इस पहल को देश भर में महिलाओं के उत्थान के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य Government बहनों और बेटियों को सशक्त बनाने के प्रति दृढ़ संकल्पित है और आगामी सत्र विपक्ष पर इस जनादेश की तात्कालिकता को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाने का एक मंच होगा.
Monday के आधिकारिक एजेंडे में एक प्रस्ताव शामिल है, जिसमें कहा गया है कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनकी अंतर्निहित शक्ति को मान्यता देने के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करना आवश्यक है.
इस कदम को राज्य की शासन शैली का स्वाभाविक विस्तार माना जा रहा है, जो ‘नारी तू नारायणी’ के सिद्धांत को मात्र कथनी और करनी में अंतरात्मा की आवाज से ऊपर उठाकर जमीनी नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रही है.
आधिकारिक बयानों के अनुसार, नए Madhya Pradesh में महिलाओं को अब निष्क्रिय लाभार्थी नहीं बल्कि भविष्य की निर्माता के रूप में देखा जा रहा है.
खबरों के मुताबिक, इस बदलाव ने राज्य को India में महिला नेतृत्व वाले विकास में अग्रणी बना दिया है, जिसका आधार आर्थिक आत्मनिर्भरता की खोज है.
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एमएस/