
Patna, 30 अप्रैल . बिहार विधान परिषद की खाली सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी ने Thursday को औपचारिक तौर पर चुनावी मैदान में उतरते हुए अपने उम्मीदवार अरविंद शर्मा का नामांकन दाखिल कराया.
नामांकन के दौरान अरविंद शर्मा के साथ Chief Minister सम्राट चौधरी, उपChief Minister विजय कुमार चौधरी और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. इस दौरान भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन भी किया.
इस खाली सीट के लिए 12 मई को मतदान होना है. यह सीट मंगल पांडेय के बिहार विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) पद छोड़ने के बाद खाली हुई थी. मंगल पांडेय विधायक (एमएलए) चुने गए थे, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया.
भाजपा ने एक दिन पहले ही अरविंद शर्मा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था.
अरविंद शर्मा संगठन के अनुभवी नेता माने जाते हैं. वह फिलहाल भाजपा के बिहार प्रदेश मुख्यालय के प्रभारी हैं और करीब चार दशकों से संगठन से जुड़े हुए हैं.
पार्टी के भीतर उन्हें अनुशासित, लक्ष्य पर काम करने वाले और धैर्यवान नेता के रूप में देखा जाता है. संगठन पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है.
अरविंद शर्मा को Chief Minister सम्राट चौधरी का करीबी भी माना जाता है. कहा जाता है कि उन्हें संगठन में मौजूदा जिम्मेदारी दिलाने में सम्राट चौधरी की अहम भूमिका रही है.
भाजपा के भीतर अरविंद शर्मा के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ नेताओं से अच्छे संबंध बताए जाते हैं. उन्होंने नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के साथ भी काम किया है, जिससे संगठन में उनकी पकड़ और मजबूत हुई.
अरविंद शर्मा के Union Minister गिरिराज सिंह से भी करीबी संबंध बताए जाते हैं. इससे राज्य और केंद्र, दोनों स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. मजबूत संगठनात्मक समर्थन और शीर्ष नेतृत्व के भरोसे के साथ अरविंद शर्मा को विधान परिषद चुनाव का मजबूत दावेदार माना जा रहा है.
इस सीट के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल थी. नामांकन पत्रों की जांच 2 मई तक होगी. नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 4 मई है. 12 मई को मतदान होगा और उसी दिन नतीजे भी घोषित किए जाएंगे. इस सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक रहेगा. अरविंद शर्मा का इस सीट पर निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है.
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एएमटी/एबीएम