
Lucknow, 13 जून . उत्तर प्रदेश की सहारनपुर Police और एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 17 वर्ष बाद 25 हजार रुपए के इनामी बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया.
चिलकाना Police स्टेशन और सहारनपुर एटीएस की जॉइंट टीम की इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. आरोपी 2009 से Police और कोर्ट से बच रहा था और अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग पहचान के साथ रह रहा था. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक बांग्लादेशी पहचान पत्र, एक नकली आधार कार्ड और दूसरे संदिग्ध डॉक्यूमेंट्स मिले हैं.
इस मामले को लेकर एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 2009 में उस समय की इंटेलिजेंस यूनिट के सब-इंस्पेक्टर इंद्रपाल सिंह की शिकायत पर कुतुबशेर Police स्टेशन में फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14 के तहत केस दर्ज किया गया था. जांच के दौरान पता चला कि छह बांग्लादेशी नागरिक बिना वैलिड पासपोर्ट और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स के India में घुस आए थे और अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे थे.
Police ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है. तीन आरोपियों को कोर्ट ने सजा सुनाई, जबकि आरोपी जाहिद जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था. इसके बाद वह लगातार कोर्ट में पेश नहीं हुआ और Police की गिरफ्त से बाहर रहा. कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया था. लंबे समय तक गैरहाजिर रहने के बाद उस पर 25,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था.
एसपी सिटी के मुताबिक, सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ Police (एसएसपी) के डायरेक्शन में वांटेड अपराधियों को पकड़ने के लिए एक स्पेशल कैंपेन चलाया जा रहा है. इसको लेकर एसपी सिटी और सर्किल ऑफिसर सदर की देखरेख में थाना इंचार्ज चिलकाना विनोद कुमार और एटीएस यूनिट सहारनपुर के इंस्पेक्टर इंचार्ज सुधीर कुमार उज्ज्वल के नेतृत्व में एक जॉइंट टीम बनाई गई थी.
वर्षों से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के संदर्भ में टीम को एक मुखबिर से सूचना मिली कि लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी इलाके में मौजूद है. जानकारी के आधार पर Police और एटीएस की जॉइंट टीम ने साइफन पुलिया के पास घेराबंदी करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसकी पहचान जाहिद के तौर पर हुई. आरोपी अभी डेराबस्सी, एसएएस नगर, मोहाली (पंजाब) में रह रहा था, जबकि उसका परमानेंट पता थाना लेफ्कासरी, जिला बंदरबन (बांग्लादेश) बताया गया.
गिरफ्तारी के दौरान Police को उसके पास से एक बांग्लादेशी पहचान पत्र और एक वीवो मोबाइल फोन मिला. मोबाइल फोन की तलाशी में एक नकली आधार कार्ड और दूसरे संदिग्ध डॉक्यूमेंट्स मिले. इन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर आरोपी के खिलाफ Police स्टेशन चिलकाना में आईपीसी के सेक्शन 318(4), 336(3), 340(2) और फॉरेनर्स एक्ट के सेक्शन 14 के तहत एक नया केस दर्ज किया गया है.
शुरुआती जांच में कई जरूरी बातें सामने आई हैं. Police को पता चला है कि आरोपी 2009 से लगातार जगह बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में रहकर अपनी पहचान छिपा रहा था. जांच एजेंसियों को म्यांमार और बांग्लादेश के अलावा दूसरे देशों के लोगों से उसके कनेक्शन के बारे में भी पता चला है. इसके अलावा उसकी पत्नी नेपाल की रहने वाली बताई जा रही है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है.
Police और एटीएस अब आरोपी के कॉन्टैक्ट्स, उसके नेटवर्क और देश में छिपे दूसरे संभावित साथियों की जांच कर रही है. सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि उसने India में रहते हुए नकली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल कैसे किया और किसने उसकी मदद की.
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डीके/डीकेपी