भरत तिवारी एनकाउंटर : Supreme Court का तत्काल सुनवाई से इनकार, याचिकाकर्ता को रजिस्ट्रार के पास जाने का निर्देश

New Delhi, 22 जून . Supreme Court ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की तारीख तय करने से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह रजिस्ट्रार के समक्ष मामले का उल्लेख करे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी. इस याचिका में घटना की सीबीआई जांच कराने और Supreme Court के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है.

यह याचिका Supreme Court के वकील विशाल तिवारी द्वारा दायर की गई है. इसमें आरोप लगाया गया है कि बिहार के भोजपुर जिले में हुई Police मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत एक “न्यायेतर हत्या” का मामला हो सकती है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि एनकाउंटर में शामिल Policeकर्मियों के खिलाफ First Information Report दर्ज की जाए और पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए.

घटना बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव की बताई जा रही है, जहां Wednesday को Police और एक व्यक्ति के बीच फायरिंग हुई थी. Police का दावा है कि अभियान के दौरान भरत भूषण तिवारी ने Police टीम पर गोली चलाई, जिसके बाद आत्मरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी. इस गोलीबारी में भरत भूषण तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें Patna मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी.

इस बीच बिहार Government ने भी मामले को लेकर न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. Chief Minister सम्राट चौधरी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिलौती गांव में हुई मुठभेड़ की जांच Patna हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाएगी. Government का कहना है कि इस जांच से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ समीक्षा सुनिश्चित होगी.

उधर, इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई है. बिहार Police ने एक थाना प्रभारी समेत चार Policeकर्मियों को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई एक कथित वीडियो सामने आने के बाद की गई, जिसमें एक हथियारबंद व्यक्ति Police बल की ओर पिस्तौल ताने हुए दिखाई दे रहा है और Policeकर्मियों पर समय पर प्रतिक्रिया न देने के आरोप लगाए गए हैं.

एसएके/पीएम

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