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Wednesday, 28 October 2026
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‘बंगाल का भारतीय इतिहास में विशेष योगदान’, स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी का सीएम सुवेंदु के नाम पत्र

‘बंगाल का भारतीय इतिहास में विशेष योगदान’, स्थापना दिवस पर Prime Minister मोदी का सीएम सुवेंदु के नाम पत्र

New Delhi, 20 जून . Prime Minister Narendra Modi ने पश्चिम बंगाल के स्थापना दिवस (20 जून) पर राज्य के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. Prime Minister ने Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के नाम एक शुभकामना संदेश लिखा है, जिसमें उन्होंने देश के इतिहास में बंगाल के महत्व को बताया है. Prime Minister मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि पश्चिम बंगाल दिवस के इस विशेष और ऐतिहासिक अवसर पर आपको और पश्चिम बंगाल की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं. मुझे यह बताते हुए भी खुशी हो रही है कि मैं इस दिन को राज्य के अपने भाई-बहनों के बीच, और वह भी तारकेश्वर में मना रहा हूं. यह स्थान 20 जून और पश्चिम बंगाल की स्थापना के लिए विशेष महत्व रखता है.

उन्होंने लिखा कि आज पश्चिम बंगाल दिवस पर, हम इतिहास के एक महत्वपूर्ण दिन को याद कर रहे हैं और साथ ही उस संस्कृति का जश्न मना रहे हैं जिसके योगदान ने India की बौद्धिक, सांस्कृतिक, Political और आध्यात्मिक नींव को आकार दिया है. यह दिन पश्चिम बंगाल की जनता के जज्बे और India की सामूहिक यात्रा में उनकी अटूट भूमिका की सराहना करने का दिन है.

सीएम सुवेंदु अधिकारी को संबोधित पत्र में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे इतिहास के किसी भी कालखंड को ले लीजिए, विशेषकर आधुनिक काल को. जीवन के किसी भी क्षेत्र को ले लीजिए. आपको पश्चिम बंगाल और इस धरती से पोषित महान लोगों का व्यापक प्रभाव दिखाई देगा. जब भी India ने नए विचारों की तलाश की, पश्चिम बंगाल ने उन्हें प्रदान किया. जब भी India ने विचार के पुनर्जागरण की तलाश की, पश्चिम बंगाल ने मार्ग प्रशस्त किया. जब भी India ने कलात्मक परिष्कार, साहित्यिक उत्कृष्टता या सामाजिक जागृति की लालसा की, पश्चिम बंगाल ने अद्वितीय जोश और कल्पनाशीलता के साथ उत्तर दिया. जब India ने सीमाओं से परे एक आध्यात्मिक संदेश की आकांक्षा की, पश्चिम बंगाल ने ऐसे संत और विचारक पैदा किए जिनकी शिक्षाएं मानवता को प्रेरित करती रहती हैं.

उन्होंने कहा कि उन्नीसवीं शताब्दी के महान जागरण में बंगाल अग्रणी रहा. बंगाल पुनर्जागरण ने हमारे राष्ट्र की चेतना को ही बदल दिया. जब India को बौद्धिक पुनरुत्थान की आवश्यकता थी, तब पश्चिम बंगाल ने हमें ऐसे विद्वान, दार्शनिक, सुधारक और वैज्ञानिक दिए जिन्होंने मानवीय समझ के क्षितिज को विस्तृत किया. जब India के लोग औपनिवेशिक शासन से पीड़ित थे, तब बंगाल से ही ‘वंदे मातरम’ का जन्म हुआ, जिसने एक सशक्त संदेश दिया और प्रत्येक भारतीय की भावना को समाहित किया. इस वर्ष हम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और इस प्रकार मातृभूमि के प्रति भक्ति के इस शाश्वत आह्वान का जश्न मना रहे हैं. मैं अभी स्लोवाकिया से लौटा हूं, जहां स्लोवाकियाई गायकों ने इस गीत को खूबसूरती से गाया. यह वंदे मातरम की वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाता है! आज पश्चिम बंगाल दिवस पर, मैं पश्चिम बंगाल के उन सभी महान व्यक्तित्वों को नमन करता हूं जिन्होंने विभिन्न तरीकों से India को समृद्ध किया है.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के इतिहास की बात करें तो 20 जून का विशेष महत्व है. मैं आपको और पश्चिम बंगाल Government को इस दिन को राज्य स्थापना दिवस के रूप में मनाने के निर्णय के लिए बधाई देना चाहता हूं, जिससे युवाओं के साथ इस राज्य के इतिहास का जुड़ाव और गहरा होगा. 20 जून एक लोकतांत्रिक निर्णय का सम्मान करता है जिसने India के भीतर पश्चिम बंगाल की अनूठी भाषाई, सांस्कृतिक और सभ्यतागत पहचान को संरक्षित किया. यह हमें उस निर्णायक क्षण की याद दिलाता है जब इतिहास एक चौराहे पर खड़ा था और दूरदर्शी नेतृत्व ने यह सुनिश्चित किया कि लाखों लोग India के साथ अपने प्रिय संबंध को बनाए रखें. इस संदर्भ में, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया जाना चाहिए. अनिश्चितता और उथल-पुथल के समय में, उन्होंने उन लोगों की आकांक्षाओं को व्यक्त किया जो India का अभिन्न अंग बने रहना चाहते थे.

पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल दिवस मनाने का निर्णय लोकतांत्रिक इच्छाशक्ति, संवैधानिक प्रक्रियाओं और विभाजन से प्रभावित अनगिनत परिवारों के बलिदानों को श्रद्धांजलि है. यह इस बात की याद दिलाता है कि इतिहास को ईमानदारी, संवेदनशीलता और कृतज्ञता के साथ याद किया जाना चाहिए. यह युवा पीढ़ी को उन परिस्थितियों को समझने का अवसर भी प्रदान करता है जिन्होंने समकालीन पश्चिम बंगाल को आकार दिया और यहां के लोगों द्वारा प्रदर्शित साहस की सराहना करने का अवसर देता है.

उन्होंने कहा कि इस वर्ष अप्रैल-मई में, पश्चिम बंगाल की जनता ने एक ऐसा चुनावी जनादेश दिया है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. एक ऐसे चुनाव में जिसमें रिकॉर्ड मतदान के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई, पश्चिम बंगाल की जनता ने हमारी पार्टी को अपना आशीर्वाद दिया. उनकी एक सरल अपेक्षा थी कि पश्चिम बंगाल आशा, सुशासन और विकास की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेगा. जनता चाहती थी कि पश्चिम बंगाल अपने बीते दिनों के गौरव को पुनः प्राप्त करे, जो दुर्भाग्य से अप्रचलित विचारधाराओं द्वारा नष्ट कर दिया गया था. एक सुखद संयोग से, यह आदेश ऐसे समय आया है जब हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं.

मुझे बेहद खुशी है कि पिछले महीने पश्चिम बंगाल Government ने उल्लेखनीय गति और करुणा के साथ काम किया है. मैं इन प्रयासों के लिए आपको और आपकी टीम को बधाई देना चाहता हूं. पश्चिम बंगाल द्वारा आयुष्मान India योजना को अपनाते हुए देखकर प्रसन्नता हुई, जिससे करोड़ों परिवारों को लाभ होगा. आखिरकार, जरूरतमंदों को उच्च गुणवत्ता वाला और किफायती इलाज उपलब्ध कराना हमारा कर्तव्य है. पश्चिम बंगाल Government का सीमा बाड़बंदी और सुरक्षा के लिए भूमि उपलब्धता में तेजी लाने का निर्णय भी उतना ही सराहनीय है.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने महिलाओं के लिए बस यात्रा, अन्नपूर्णा योजना का शुभारंभ और मां आहार योजना के विस्तार से संबंधित कदमों की सराहना की है. जैसा कि मैंने कहा, यह प्रशासन का करुणामय चेहरा दर्शाता है. वर्षों से Governmentी कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. अब, सातवें वेतन आयोग को लाने के आपके प्रयास भी प्रशंसा के पात्र हैं. पश्चिम बंगाल Government ने बहुत कम समय में, निवेश को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया है, विशेष रूप से कृषि उद्योगों में. इससे राज्य के किसानों को सशक्त बनाने में बहुत मदद मिलेगी.

Prime Minister ने कहा कि केंद्र Government राज्य को हर संभव तरीके से सहयोग देगी. जल जीवन मिशन और बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों सहित, पहले रुके हुए विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं. रेलवे विकास के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं और 60,000 करोड़ रुपए की राशि प्रक्रियाधीन है. मुझे विश्वास है कि पश्चिम बंगाल का विकास पथ आने वाले समय में और भी अधिक गति से आगे बढ़ेगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि अभी बहुत काम करना बाकी है! पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को मजबूत और आधुनिक आधार पर स्थापित करना होगा. इसका अर्थ है निवेशकों का विश्वास पुनर्जीवित करना, औद्योगिक विकास में तेजी लाना, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देना, रसद को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना कि उद्यम को धमकियों और अनिश्चितता के बजाय सुविधा मिले. पश्चिम बंगाल मत्स्य पालन, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, बंदरगाह-आधारित विकास, वस्त्र, पर्यटन और डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है. राज्य की रणनीतिक स्थिति इसे व्यापार और संपर्क के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बना सकती है.

उन्होंने कहा कि जहां भी भाजपा Government में होती है, मेहनती किसान हमेशा नीति निर्माण के केंद्र में होते हैं और मुझे विश्वास है कि पश्चिम बंगाल भी इसका अपवाद नहीं होगा. सिंचाई, फसल विविधीकरण, बाजार पहुंच और मूल्यवर्धन के प्रयास शानदार परिणाम देंगे. ग्रामीण समृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. India के महान शहरों में से एक होने के नाते, कोलकाता आधुनिक बुनियादी ढांचे का हकदार है जो इसके इतिहास और प्रतिष्ठा के अनुरूप हो. शहरी परिवहन, सड़कें, जल निकासी, आवास, स्वच्छता और विरासत के प्रति संवेदनशील आधुनिकीकरण मिलकर कोलकाता को एशिया के महान शहरों में से एक के रूप में उसका उचित स्थान दिला सकते हैं.

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एमएस/डीएससी

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