तमिलनाडुः ऑटो-रिक्शा के किराये में बढ़ोतरी का ड्राइवरों ने किया स्वागत, कैब कंपनियों को बंद करने की मांग की

डिंडीगुल, 28 अक्टूबर . तमिलनाडु के ऑटो चालकों ने मीटर किराए में बढ़ोतरी का स्वागत किया है. इसके साथ ही निजी क्षेत्र की रैपिडो और ओला सेवाओं पर प्रतिबंध की मांग की.
रेलवे स्टेशन आउटर ऑटो-रिक्शा एसोसिएशन के सदस्य कालिदास ने से बातचीत में कहा, “हम ‘पलानी रेलवे स्टेशन आउटर ऑटो-रिक्शा एसोसिएशन’ की ओर से बात कर रहे हैं. Tuesday रात Chief Minister ने मीटर के किराये में बढ़ोतरी की घोषणा की. हालांकि, सभी ऑटो-रिक्शा चालकों को यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं लगेगी. उदाहरण के लिए, हमें अपने वाहनों के परमिट के लिए ही हर साल काफी खर्च करना पड़ता है. ऐसे हालात में, हमारे लिए अपना गुजारा करना मुश्किल हो जाता है.”
कालिदास ने कहा, “इसके अलावा, ‘वेट्री पयनम’ (सफल यात्रा) योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है, जिससे कई ऑटो-रिक्शा चालकों की आजीविका पर बहुत बुरा असर डाला है. हमारे अपने परिवारों में भी महिलाएं हैं और हम उनकी मदद के लिए जो कुछ भी बन पड़ता है, वह करते हैं लेकिन Government ने शायद इस बात को नजरअंदाज कर दिया है कि हमें भी अपने परिवारों का पेट पालना होता है.
उन्होंने कहा, “साथ ही, ओला और रैपिडो जैसे ऐप्स के जरिए चलने वाली ऑटो-रिक्शा सेवाओं से हमारे काम पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. हमारी रोजी-रोटी लंबे समय से मुरुगन मंदिर पर निर्भर रही है लेकिन अब यहां मिनी-बसें दिन में 15 से 20 चक्कर लगा रही हैं. हमने इस बारे में आरटीओ में शिकायत भी दर्ज कराई है.”
कालिदास ने कहा, “हालांकि मीटर के किराए में बढ़ोतरी एक अच्छी बात है लेकिन मैं ऑटो-रिक्शा चालक संघ की ओर से यह कहना चाहूंगा कि अगर रैपिडो जैसी ऐप-आधारित सेवाओं पर रोक लगा दी जाए, तो इससे हमारी आजीविका को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. “
बता दें कि तमिलनाडु Government ने पूरे राज्य में ऑटो-रिक्शा के किराए में आधिकारिक तौर पर बदलाव किया है. 13 वर्षों में (इससे पहले अगस्त 2013 में तय किए गए) आधिकारिक किराया ढांचे में यह पहला बदलाव है.
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