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Wednesday, 28 October 2026
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वैष्णव ने ब्लूमबर्ग को दिया जवाब, कहा- मोबाइल पीएलआई से सरकार को मिली 3 लाख करोड़ रुपए की जीएसटी

वैष्णव ने ब्लूमबर्ग को दिया जवाब, कहा मोबाइल पीएलआई से सरकार को मिली 3 लाख करोड़ रुपए की जीएसटी

वैष्णव ने ब्लूमबर्ग को दिया जवाब, कहा- मोबाइल पीएलआई से Government को मिली 3 लाख करोड़ रुपए की GST

New Delhi, 28 अक्टूबर . केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ब्लूमबर्ग द्वारा India की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मोबाइल फोन के लिए लाई गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम से देश में बड़े स्तर कर आय और रोजगार सृजित हुए हैं.

social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, वैष्णव ने कहा कि मोबाइल पीएलआई प्रोग्राम से Government और अर्थव्यवस्था को काफी फायदा हुआ है.

Union Minister के अनुसार, Government ने इस योजना के तहत 19,000 करोड़ रुपए के इंसेंटिव दिए हैं, जबकि इस सेक्टर से प्रत्यक्ष कर संग्रह 25,000 करोड़ रुपए और GST संग्रह 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.

Union Minister ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से पैदा हुए रोजगार पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से फिलहाल लगभग 25 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है, जिसमें से अकेले मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग से करीब 12 लाख नौकरियां जुड़ी हैं.

वैष्णव का यह बयान ब्लूमबर्ग के एक विश्लेषण के जवाब में आया है, जिसमें सवाल उठाया गया था कि क्या चीन की तरह इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में सफलता पाने की India की कोशिश से अपेक्षित आर्थिक लाभ मिल पाएंगे.

रिपोर्ट में बताया गया है कि भले ही India स्मार्टफोन (आईफोन सहित) के लिए एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरा है, लेकिन देश अभी भी प्रोसेसर, मेमोरी चिप, बैटरी और कैमरा लेंस जैसे आयातित पुर्जों पर काफी हद तक निर्भर है.

विश्लेषण में कहा गया कि अब हर चार में से लगभग एक आईफोन India में बन रहा है, लेकिन साथ ही यह भी कहा गया है कि देश के भीतर ‘वैल्यू एडिशन’ अभी भी सीमित है, क्योंकि कई महत्वपूर्ण पुर्जे विदेशों से मंगाए जाते हैं.

ब्लूमबर्ग ने पीएलआई योजना के तहत दी जाने वाली Governmentी सब्सिडी की ओर भी इशारा किया है. उनका तर्क है कि निर्माताओं को आकर्षित करने और उत्पादन की अधिक लागत की भरपाई करने के लिए India शायद बहुत बड़ी रकम खर्च कर रहा है.

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एबीएस

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