बंगाल का ‘काला जादू’ हुआ फेल, जब पीएम मोदी ने दिखाया अपना ‘मैजिक’

New Delhi, 4 मई . पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत का सबसे अहम फैक्टर पीएम मोदी का ‘मैजिक’ रहा. पीएम Narendra Modi की बात बंगाल की जनता के दिलों में बस गई और भाजपा को इसका फायदा मिला. ऊपर से पश्चिम बंगाल में भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं की लगातार हो रही चुनावी सभाओं ने भी चुनाव का रुख भाजपा का तरफ मोड़ दिया. बंगाल का ‘काला जादू’ जो बेहद मशहूर है, जनता उसके हैंगआउट से बाहर आई और ‘मोदी मैजिक’ पर ध्यान केंद्रित करने में सफल रही. वोट भाजपा के पक्ष में पड़े और यह चुनाव परिणामों में साफ नजर आया.

वैसे पश्चिम बंगाल में भाजपा की इस जीत के लिए जिस तरह से पार्टी के नेताओं ने कमर कसी, उतनी ही शिद्दत से पूरे चुनाव के दौरान पार्टी के पक्ष में हवा का रूख तैयार करने के लिए पीएम Narendra Modi ने भी मेहनत की. वैसे भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल में राजनीति की उपजाऊ जमीन तैयार करने के काम पार्टी की तरफ से बहुत पहले शुरू कर दिया गया था. नरेंद्र कप (फुटबॉल टूर्नामेंट) का आयोजन यहां किया गया था. इस पुरुष फुटबॉल टूर्नामेंट में 1200 टीमों ने भाग लिया और लगभग 18,000 खिलाड़ी सम्मिलित हुए. वहीं महिला फुटबॉल प्रतियोगिता में कुल 253 महिला टीमों ने हिस्सा लिया. दोनों ही आयोजनों में 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा सम्मिलित हुए.

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत के रूप में पहचाने जाने वाले वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान पदयात्रा, पुष्पांजलि, तिरंगा वितरण, सामूहिक गायन तथा दीप प्रज्वलन जैसे आयोजन हुए. इसमें 1 लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए. यहां राज्य भर में भाजपा की तरफ से 9 परिवर्तन यात्रा आयोजित हुई. जिसमें 294 में से यहां के कुल 217 विधानसभा क्षेत्र कवर हुए. कुल 560 बड़े एवं छोटे कार्यक्रम में लगभग 7 लाख से अधिक लोग इससे जुड़े.

इसके साथ ही भाजपा ने यहां बूथ सशक्तिकरण अभियान चलाया. यहां 70,671 बूथों पर बूथ समितियां बनाई गई एवं अन्य पर बूथ अध्यक्ष बनाए गए. इन बूथ समितियों पर 8,76,765 कार्यकर्ता नियुक्त किए गए. साथ ही वर्ष 2019 और 2024 के Lok Sabha चुनाव एवं वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के विश्लेषण के आधार पर 210 फोकस विधान सभाएं चिह्नित की गई. इसके साथ ही इसमें से सभी बूथों का विश्लेषण कर फोकस बूथ चिह्नित किए गए.

इसके साथ ही साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य Government की विफलताओं एवं भ्रष्टाचार के मुद्दों पर राज्य स्तरीय आरोप-पत्र जारी किए. विधानसभा स्तर पर 220 विधानसभा क्षेत्रों में यह चार्जशीट जारी की गई. ताकि जनता इसके बारे में जान सके. पूरे बंगाल में महिला एवं युवा वर्ग के 2 करोड़ से अधिक भरोसा कार्ड भरे गए. महिलाओं के लगभग 1.60 करोड़ एवं युवाओं के 40 लाख फॉर्म भरवाए गए.

श्रीरामनवमी, श्री हनुमान जन्मोत्सव एवं पोइला बैसाख के अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा 6,250 स्थानों पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगठनों के प्रमुखों से संपर्क किया गया. 2 लाख से अधिक लोगों से इस दौरान संपर्क साधा गया. इसके साथ ही 21 प्रदेशों से 9,498 बंगाली प्रवासियों ने पश्चिम बंगाल आकर भाजपा के पक्ष में प्रचार में भाग लिया. प्रदेश भर में 8,315 शक्तिकेंद्र पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया.

इसके साथ ही 220 विधानसभाओं में रोजगार चाहने वाले युवाओं का पंजीकरण करने का अभियान ‘चाकरी चाई बांग्ला’ चलाया गया. महिलाओं को भाजपा ने अपने पक्ष में करने के लिए बूथ पर महिलाओं की 1,96,000 ड्रॉइंग रूम बैठकें आयोजित की. साथ ही 19,250 क्लब एवं एनजीओ के सदस्यों से संपर्क किया गया.

इसके अलावा विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान 61 राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय नेताओं के 288 सीटों पर 600 से अधिक कार्यक्रम हुए. भाजपा की तरफ से यहां ‘ब्रिगेड चलो’ विशाल जनसभा कोलकाता में हुई, जिसमें 7.5 लाख लोगों की उपस्थिति रही. social media पर भी इसको खूब प्रचारित किया गया.

Prime Minister Narendra Modi की पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए कुल 19 चुनावी सभाएं हुई एवं 2 रोड शो किए. झारग्राम में झालमुड़ी खाई, इसकी वीडियो को social media के सभी प्लेटफॉर्म पर 10 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा. हुगली नदी में नौका विहार एवं ठनठनीया काली बड़ी मंदिर में दर्शन करके भी वहां की जनता को पीएम मोदी ने संदेश दिया.

भाजपा के पक्ष में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कुल 40 सभा, रोड शो कार्यक्रम हुए. इसके साथ उन्होंने 4 संगठनात्मक बैठकों में सभी 294 विधानसभाओं के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. गंगासागर में पूजा अर्चना एवं कपिल मुनि आश्रम में भी उनका इस दौरान जाना हुआ. जो पश्चिम बंगाल की जनता को साफ संदेश था कि वह अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के लिए पुनः तैयार हो जाएं.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित केन्द्रीय नेताओं की कुल 128 विधानसभाओं में कार्यक्रम हुए. इसके साथ ही भाजपा के अन्य राज्यों के 9 मुख्यमंत्रियों की यहां कुल 101 सभाएं हुई. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के स्थानीय भाजपा नेताओं जैसे प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, मिथुन चक्रवर्ती, सुकांत मजूमदार एवं दिलीप घोष सहित 25 नेताओं के कुल 232 कार्यक्रम हुए.

इसके साथ हीं कोलकाता प्रेसीडेंसी में वार्ड स्तर पर वार्ड समितियों का गठन किया गया. साथ ही बूथ पर भाजपा के पक्ष में मतदान बढ़ाने के लिए पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के अलावा चिह्नित लोगों की टीम को लगाया गया. इन सबके साथ भाजपा ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए नैरेटिव भी तैयार किया, जिसमें ‘बाचते चाई, बीजेपी ताई’, ‘पलटानों दरकार चाई बीजेपी सोरकार’ के साथ ‘भय आउट, भरोसा इन’ जैसे स्लोगनों ने भाजपा के पक्ष में चुनाव का रुख मोड़ दिया.

जीकेटी/

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