
New Delhi, 24 जुलाई . दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने Maharashtra के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में अनमोल बिश्नोई की हिरासत के लिए Mumbai Police की अर्जी खारिज कर दी. आज Mumbai Police ने मकोका की विशेष कोर्ट को यह जानकारी दी.
एनआईए कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर उसकी आवाजाही पर रोक लगाई गई है
एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने 22 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी पत्र को ध्यान में रखते हुए Mumbai Police की अर्जी खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि इस आदेश को देखते हुए अनमोल बिश्नोई की कस्टडी Mumbai के Police को फिजिकली नहीं सौंपी जा सकती.
इस मामले में फरार आरोपी मोहम्मद यासीन अस्तर उर्फ सिकंदर उर्फ मोहम्मद जमील उर्फ जीशान अख्तर और फरार आरोपी शुभम लोनकर उर्फ शुब्बु के खिलाफ लुकआउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए.
Mumbai की मकोका कोर्ट द्वारा पेशी वारंट जारी किए जाने के बाद Police की एक टीम दिल्ली गई थी, लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 22 जुलाई को Mumbai Police की अनमोल की हिरासत का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दी. हालांकि, इसमें इसके कारणों का उल्लेख नहीं किया गया.
20 जुलाई को Mumbai कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई का प्रोडक्शन वॉरंट जारी किया था. आरोपी का कब्जा देने संबंधी अनुरोध पत्र प्राप्त करने के लिए अर्जी दायर की गई थी. अनमोल बिश्नोई को तिहाड़ जेल, New Delhi से कब्जे में लेने के लिए Mumbai Police के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के अधिकारी अरुण थोराट और उनकी टीम को नियुक्त कर रवाना किया गया था. 22 जुलाई को Police निरीक्षक अरुण थोराट ने पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया; उस समय कोर्ट ने कब्जा देने से मना कर दिया.
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एमएस/