
गुवाहाटी, 8 जून . असम में आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्यभर में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (सीबीएस) लागू करने जा रहा है. अधिकारियों ने Monday को बताया कि इस प्रणाली के जरिए नागरिकों और Governmentी अधिकारियों तक आपातकालीन चेतावनी संदेश तेजी से पहुंचाए जा सकेंगे.
आधिकारिक बयान के अनुसार, India Government द्वारा 2 मई को शुरू किया गया यह स्वदेशी सार्वजनिक चेतावनी तंत्र अब असम में पूरी तरह से संचालित होने के लिए तैयार है. इस प्रणाली को दूरसंचार विभाग के तहत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलीमैटिक्स ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया है.
अधिकारियों के मुताबिक, यह तकनीक किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर तत्काल और स्थान-विशिष्ट (जियो-टार्गेटेड) आपातकालीन चेतावनी संदेश भेजने में सक्षम है. इससे प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंच सकेगी.
2 मई को देशव्यापी परीक्षण के बाद इस प्रणाली को पूरे देश में लागू करने की अनुमति दी गई थी. हालांकि, उस समय असम समेत जिन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू थी, उन्हें परीक्षण प्रक्रिया से बाहर रखा गया था.
अब चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद केंद्र Government के निर्देशों के अनुरूप असम Government इसे लागू करने जा रही है.
एएसडीएमए अधिकारियों ने बताया कि कार्यान्वयन के दौरान लोगों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन चेतावनी संदेश प्राप्त हो सकते हैं. ये अलर्ट अत्यधिक संवेदनशील होंगे और मोबाइल फोन पर लगभग 30 सेकंड तक तेज अलार्म तथा नोटिफिकेशन ध्वनि बजाएंगे.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये अलर्ट केवल अधिकृत Governmentी एजेंसियों द्वारा वास्तविक आपात स्थितियों में जारी किए जाएंगे. इनमें भीषण तूफान, भारी बारिश, बिजली गिरने, चक्रवात, बाढ़, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड), गैस रिसाव और अन्य आपदाएं शामिल हैं.
संदेश मोबाइल स्क्रीन पर पॉप-अप नोटिफिकेशन के रूप में दिखाई देंगे. इनके साथ विशेष ध्वनि और कंपन (वाइब्रेशन) होगा तथा जिन उपकरणों में सुविधा उपलब्ध होगी, वे संदेश को आवाज में भी पढ़कर सुनाएंगे.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे अलर्ट मिलने पर घबराएं नहीं. ये संदेश लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जोखिम को कम करने के उद्देश्य से जारी किए जाने वाले आधिकारिक चेतावनी संदेश होंगे.
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली पारंपरिक एसएमएस अलर्ट की तुलना में अधिक प्रभावी और विश्वसनीय है, क्योंकि नेटवर्क पर अधिक दबाव होने की स्थिति में भी यह काम करती रहती है.
सीबीएस प्रणाली 2जी, 3जी, 4जी और 5जी नेटवर्क पर काम करेगी तथा लक्षित क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल उपभोक्ताओं, यहां तक कि रोमिंग उपयोगकर्ताओं तक भी पहुंच सकेगी. साथ ही यह कई भाषाओं में चेतावनी संदेश प्रसारित करने में सक्षम होगी.
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डीएससी