पाकिस्तान: केपी असेंबली में लहराई गई आसिम मुनीर की तस्वीर, इमरान खान पर टिप्पणी को लेकर बवाल

पेशावर, 11 दिसंबर . खैबर पख्तूनख्वा असेंबली की एक तस्वीर और वीडियो पिछले चौबीस घंटे से सुर्खियां बटोर रहा है. इसमें से एक में विधानसभा सदस्य नए सीडीएफ आसिम मुनीर की तस्वीर थामे दिख रही हैं तो दूसरे में सैन्य प्रवक्ता की Pakistan तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) अध्यक्ष और पूर्व पीएम इमरान खान के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर जोरदार हंगामा बरपा हुआ है.

स्थानीय मीडिया हाउस डॉन के मुताबिक सत्ता पक्ष (पीटीआई) के सदस्यों ने सैन्य प्रवक्ता की उन टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की, जिन्हें उन्होंने पीटीआई के संस्थापक इमरान खान और प्रांतीय Chief Minister सोहेल अफरीदी के खिलाफ अपमानजनक बताया, इसे ही लेकर सदन में हंगामा मच गया.

डिप्टी स्पीकर सुरैया बीबी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान, असेंबली में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, जब विपक्षी पीएमएल-एन (Pakistan मुस्लिम लीग-नवाज) की महिला विधायक सोबिया शाहिद ने सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की तस्वीर दिखाई.

अध्यक्ष ने सुरक्षाकर्मियों को तस्वीर हटाने का आदेश दिया. उन्होंने शाहिद की आलोचना करते हुए कहा कि सीडीएफ सेना का प्रतिनिधित्व करते हैं, न कि उनकी पार्टी का. उन्होंने हंगामे के कारण बैठक स्थगित करने से पहले कहा, “आपको सीडीएफ की तस्वीर दिखाने के बजाय एक विधायक के तौर पर अपने प्रदर्शन के बारे में बात करनी चाहिए.”

इससे पहले, सत्ताधारी पीटीआई के सदस्यों ने शिकायत की कि देश खराब कानून-व्यवस्था की स्थिति, वित्तीय तनाव और Political अस्थिरता जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के बाहरी मुद्दे तभी हल हो सकते हैं जब “घर में सब ठीक हो.” सत्ता पक्ष के सदस्य मोहम्मद अजमल खान ने कहा कि आईएसपीआर (इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस) निदेशक जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पीटीआई नेतृत्व, खासकर संस्थापक इमरान खान के खिलाफ हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

उन्होंने कहा कि सेना के प्रवक्ता को विवादित मामलों पर बात नहीं करनी चाहिए, इससे देश में मौजूदा Political संकट और बढ़ जाएगा.

उन्होंने कहा कि प्रांतीय विधानसभा इमरान खान, केंद्र Government और सुरक्षा प्रतिष्ठान के बीच मुद्दों को सुलझाने में मदद कर सकती है. खान ने यह भी कहा कि एक बार जब “हालात ठीक हो जाएंगे”, तो क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए अफगानिस्तान के साथ बातचीत की जा सकती है.

केआर/

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