अशोक गहलोत ने महिला आरक्षण, परिसीमन और आदर्श आचार संहिता को लेकर केंद्र की आलोचना की

jaipur, 18 अप्रैल . Rajasthan के पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत ने Prime Minister Narendra Modi के हालिया संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए महिलाओं के लिए आरक्षण, परिसीमन और चल रहे चुनावों के दौरान इस भाषण के समय को लेकर सवाल उठाए.

Prime Minister मोदी की उस टिप्पणी के जवाब में जिसमें उन्होंने कहा था कि पूरे देश की महिलाएं कांग्रेस और विपक्षी दलों को सबक सिखाएंगी, गहलोत ने अपने एक्स हैंडल के जरिए Government के आत्मविश्वास को चुनौती दी.

उन्होंने कहा कि अगर Prime Minister इतने ही आश्वस्त हैं, तो उन्हें Lok Sabha भंग कर देनी चाहिए और इसी मुद्दे पर नए सिरे से चुनाव करवाकर लोगों से नया जनादेश मांगना चाहिए.

प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की आलोचना करते हुए गहलोत ने तर्क दिया कि इसे 2011 की जनगणना के आधार पर करना अन्यायपूर्ण होगा, विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए.

उन्होंने कहा कि 2026 की जाति जनगणना का इंतजार करने के बजाय, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के अधिकारों से वंचित करने के बराबर है. एक बार जाति जनगणना हो जाने पर, अन्य पिछड़ा वर्ग की वास्तविक आबादी का पता चल जाएगा, जिससे निष्पक्ष और पर्याप्त आरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा.

Prime Minister मोदी के भाषण के समय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनावों के दौरान इस तरह का संबोधन देना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

उन्होंने कहा कि चुनाव के बीच इस तरह का भाषण देना आचार संहिता का उल्लंघन है. हालांकि, कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, क्योंकि चुनाव आयोग असल में भाजपा का चुनाव विभाग बन गया है.

गहलोत की इन टिप्पणियों ने महिलाओं के लिए आरक्षण, जाति जनगणना और परिसीमन पर चल रही राष्ट्रीय बहस को एक नया Political आयाम दे दिया है, जिसके साथ ही कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र Government की आलोचना और तेज कर दी है.

इससे पहले, अशोक गहलोत ने कहा था कि Government पूरे देश में मनमाने तरीके से परिसीमन करने की योजना बना रही है. पूरा विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताता रहा है, ठीक वैसे ही जैसे यह असम जैसे राज्यों में की गई थी. वे उसी मॉडल को पूरे देश में दोहराना चाहते थे, लेकिन अब उनके इरादे बेनकाब हो गए हैं.

पीएसके

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