
धमतरी, 19 अगस्त . छत्तीसगढ़ के ‘जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल’ के सदस्यों ने President भवन में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर President द्रौपदी मुर्मु के ‘एट होम’ रिसेप्शन के दौरान प्रस्तुति देने का मौका मिलने के लिए Prime Minister Narendra Modi और Government का आभार व्यक्त किया.
राज्य के धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के सरायटोला गांव के कलाकारों ने स्वतंत्रता दिवस पर पारंपरिक लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति का मान बढ़ाया.
ग्रामीण इलाके के इन कलाकारों के लिए यह मौका न सिर्फ कला के प्रति समर्पण का सम्मान था, बल्कि धमतरी जिले और पूरे राज्य के लिए भी बेहद गर्व का पल था. सरायटोला लोक नृत्य मंडली अपनी अनोखी पारंपरिक नृत्य शैली, ‘गुट्टा मांदर’ (एक आदिवासी लोक नृत्य) की जोशीली ताल, लोक गीतों, पारंपरिक वेशभूषा और स्थानीय वाद्ययंत्रों के लिए जानी जाती है.
नृत्य मंडली के सदस्य रतन लाल ने को बताया कि उन्होंने President, Prime Minister और अन्य सम्मानित हस्तियों के सामने प्रस्तुति देने के इतने ‘बड़े मौके’ के बारे में कभी सोचा भी नहीं था. उन्होंने जिलाधिकारी और ग्रामीणों का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.
ग्रुप के एक सदस्य सुरेंद्र सोरी ने कहा, “President के सामने परफॉर्म करना बहुत बड़ी बात है. यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है. Prime Minister Narendra Modi के कार्यकाल में ही स्थानीय कलाकारों, यहां तक कि छोटे गांवों के कलाकारों को भी इस तरह की पहचान मिल रही है.”
उन्होंने ऐसे मौके देने के लिए Government का आभार भी जताया, जिनकी वजह से पढ़े-लिखे बेरोजगार लोग अपनी कला के जरिए अपना हुनर दिखा पा रहे हैं.
ट्रूप के डायरेक्टर रूपराय नेताम ने भी अपनी कला को बढ़ावा देने का मौका मिलने के लिए Government का धन्यवाद किया.
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान, देश की सबसे बड़ी संवैधानिक संस्था के पवित्र परिसर में ‘मांदर’ की थाप, पारंपरिक गीतों और सामूहिक नृत्य की लय ने माहौल को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के जीवंत रंगों से भर दिया.
उनकी प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के लोक जीवन, त्योहारों, सामाजिक मुद्दों, आपसी एकता और सदियों पुरानी परंपराओं को बखूबी पेश किया.
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पीएसके/एबीएम