ड्रोन संचालन में पेशेवर दक्षता बढ़ाने को सेना ने सीआईएसएफ कर्मियों को दिया प्रशिक्षण

New Delhi, 22 मार्च . केंद्रीय औद्योगिक बल (सीआईएसएफ) और भारतीय सेना ने ड्रोन संचालन में केंद्रीय सुरक्षा बल की व्यावसायिक क्षमता को बढ़ाने के लिए सहयोग किया है.

एक बयान में कहा गया है कि एएसजी इंदौर के सीआईएसएफ कर्मियों के लिए एक पेशेवर ड्रोन प्रशिक्षण सत्र Madhya Pradesh के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित किया गया.

इस सत्र में ड्रोन संचालन, उड़ान सुरक्षा नियमों और निगरानी प्रोटोकॉल के प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य परिचालन तत्परता और तकनीकी दक्षता को और अधिक सुदृढ़ करना था.

सीआईएसएफ के बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण प्रभावी सुरक्षा अभियानों के लिए क्षमता निर्माण, कौशल संवर्धन और आधुनिक प्रौद्योगिकियों के एकीकरण पर इसके निरंतर ध्यान को दर्शाता है.

महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और साइबर हमलों के बढ़ते खतरे के मद्देनजर, जो नई सुरक्षा चुनौतियों के रूप में उभरे हैं, सीआईएसएफ ने ऐसे खतरों का मुकाबला करने के लिए योजनाएं तैयार की हैं.

इस रणनीति के तहत, सीआईएसएफ ने ड्रोन और एंटी ड्रोन प्रशिक्षण को बड़े पैमाने पर शुरू किया है. इसने Rajasthan के बहरोर स्थित अपनी इकाई में एक ड्रोन प्रशिक्षण और एंटी-ड्रोन क्षमता प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ड्रोन संचालन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों पर प्रशिक्षण देने के लिए रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन की स्थापना को पहले ही मंजूरी दे दी है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में देश की सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की भूमिका पर जानकारी दी थी.

वहीं, 6 मार्च को केंद्रीय सुरक्षा बल के 57वें स्थापना दिवस समारोह में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के अलावा हवाई अड्डों, बंदरगाहों और औद्योगिक केंद्रों सहित महत्वपूर्ण स्थलों पर हवाई खतरों के प्रबंधन के लिए भी जिम्मेदार होगी.

सीआईएसएफ देशभर के 70 हवाई अड्डों और 361 अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षा प्रदान कर रही है. इसने कर्तव्य भवन, सेवा तीर्थ, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नवी Mumbai हवाई अड्डा, लेंगपुई हवाई अड्डा, जवाहरपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट और भाखड़ा बांध परियोजना जैसी कई प्रमुख परियोजनाओं की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रखा है.

एसएके/पीएम

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