
कोलकाता, 16 मार्च . निर्वाचन आयोग ने Sunday को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है. इस पर सीपीआईएम सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग की ओर से चुनाव की घोषणा को बड़ी गलती बताया.
उन्होंने Monday को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि अब तक चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची भी जारी नहीं की गई है. ऐसी स्थिति में इस सवाल का उठना लाजिमी है कि जब अभी तक मतदाता सूची भी जारी नहीं की गई है, तो ऐसी स्थिति में आप भला चुनाव कैसे करा सकते हैं. यह विषय तो अपने आप में पाठ्यक्रम से ही बाहर है.
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अगर चुनाव आयोग किसी राज्य में चुनाव कराने के बारे में विचार करेगी, तो उसे पुराने मतदाता सूची का ही सहारा लेना होगा. अगर मौजूदा समय में चुनाव आयोग राज्य में चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने के बारे में विचार करेगी, तो निश्चित रूप से इससे स्थिति ज्यादा जटिल हो सकती है. ऐसे में चुनाव आयोग के लिए यह जरूरी रहता है कि वो पहले भी मतदाताओं की अंतिम सूची को प्रकाश में आने देती. इसके बाद ही अगर आगे कदम बढ़ाया जाता है, तो स्थिति ज्यादा ठीक रहती.
उन्होंने उन आरोपों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें यह कहा जा रहा है कि कई विधानसभा क्षेत्रों में सिर्फ मुस्लिम होने की वजह से उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जा रहा है. सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि यह पूरी तरह से सत्य है. इसे आंशिक सत्य कहना ज्यादा उचित रहेगा. खासकर कई विधानसभा क्षेत्रों में यह देखा जा रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाया जा रहा है, जो बिल्कुल गलत है. इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि हमारे देश में सभी लोगों को मतदान का अधिकार दिया गया. ऐसी स्थिति में अगर आप किसी का नाम मतदाता सूची से हटाएंगे, तो ऐसा करके आप लोकतांत्रिक हितों पर कुठाराघात करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.
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वीसी