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Wednesday, 28 October 2026
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पंजाब कैबिनेट ने प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को रेगुलेट करने वाले अध्यादेश को मंजूरी दी

पंजाब कैबिनेट ने प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को रेगुलेट करने वाले अध्यादेश को मंजूरी दी

चंडीगढ़, 22 जून . Chief Minister भगवंत मान की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट ने Monday को एक अध्यादेश को मंजूरी दी. इसका मकसद बिना Governmentी मदद वाले प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को रेगुलेट करना, औद्योगिक प्रोत्साहन से जुड़े नियमों में बदलाव करना और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करना है.

Chief Minister कार्यालय ने बताया कि बिना Governmentी मदद वाले प्राइवेट स्कूलों द्वारा बिना वजह और अनुचित तरीके से बढ़ाई गई फीस को रेगुलर करने के लिए कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को मंजूरी दी. यह ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स एक्ट, 2016’ में संशोधन करता है.

इस फैसले का मकसद फीस में बढ़ोतरी को कंट्रोल करना, स्टूडेंट्स और माता-पिता को मनमानी बढ़ोतरी से बचाना, फीस स्ट्रक्चर में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना और उनके हितों की रक्षा करना है.

संशोधनों में फीस, फीस में बढ़ोतरी और कुल फीस बढ़ोतरी की परिभाषाओं को साफ किया गया है, सालाना फीस बढ़ोतरी पर 5 प्रतिशत की सीमा तय की गई है, और 5 प्रतिशत से ज्यादा किसी भी बढ़ोतरी के लिए रेगुलेटरी बॉडी की मंजूरी जरूरी कर दी गई है.

एक और फैसले में कैबिनेट ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत कैपिटल सब्सिडी और इन्वेस्टमेंट इंसेंटिव देने के लिए 13 नवंबर 2019 की गाइडलाइंस में संशोधन को मंजूरी दी.

संशोधनों का मकसद सब्सिडी देने की प्रक्रिया को आसान और सुव्यवस्थित करना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना और योग्य इंडस्ट्रियल यूनिट्स में एक समान तरीके से लागू करना है.

संशोधित ढांचे के तहत गाइडलाइंस के क्लॉज 1.1 और 1.2 को हटाने के बाद योग्य इंडस्ट्रियल यूनिट्स को कैपिटल सब्सिडी जारी की जाएगी, जो जरूरी डॉक्यूमेंट्स के वेरिफिकेशन और तय शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगा.

अलग-अलग विभागों के डेटाबेस को जोड़ने, डुप्लीकेशन से बचने और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए, कैबिनेट ने पंजाब में ‘स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म (एसडीआईपी)’ को लागू करने को भी मंजूरी दी.

एसडीआईपी प्रोजेक्ट को सुचारू रूप से लागू करने के लिए मुख्य सचिव के तहत एक तीन-स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी बनाई जाएगी.

कमेटी में मुख्य सचिव अध्यक्ष होंगे, प्रशासनिक सचिव (सुशासन) सदस्य-संयोजक होंगे, और अन्य विभागों के प्रशासनिक सचिव सदस्य होंगे.

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एससीएच/डीकेपी

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