आंध्र प्रदेश: जगन ने चंद्रबाबू नायडू पर सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने का आरोप लगाया

अमरावती, 21 अप्रैल . वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने Tuesday को आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे उनसे सवाल करने वालों की आवाज दबा रहे हैं.

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व Chief Minister जगन ने Governmentी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष काकरला वेंकटरामी रेड्डी को पद से हटाए जाने के फैसले को लेकर नायडू की आलोचना की. उन्होंने कहा कि Chief Minister आलोचना करने वालों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई कर रहे हैं.

जगन ने कहा कि चुनाव से पहले नायडू ने “सुपर सिक्स” और “सुपर सेवन” जैसी कई योजनाओं के वादे किए थे और घर-घर जाकर बॉन्ड बांटे थे, लेकिन सत्ता में आने के दो साल बाद भी इन वादों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि अब Government झूठा दावा कर रही है कि सभी वादे पूरे कर दिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि जनता और कर्मचारियों के बढ़ते विरोध से घबराकर Government सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई कर रही है, जो यह दिखाता है कि शासन कमजोर है और वादे पूरे नहीं हुए हैं.

जगन ने पूछा कि Government द्वारा 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां लेने पर सवाल उठाना क्या गलत है. उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब देने के बजाय Government आलोचकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष काकरला वेंकटरामी रेड्डी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लंबित डीए, पीआरसी और आईआर जैसी मांगों को उठाना कोई अपराध नहीं है. ये सभी वादे Government ने अपने घोषणापत्र में किए थे.

जगन ने सर्किल इंस्पेक्टर शंकरैया के मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी Chief Minister पर सवाल उठाने के कारण सेवा से हटा दिया गया, जो “तानाशाही शासन” का उदाहरण है.

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले 20 लाख नौकरियां देने और बेरोजगारों को 3,000 रुपये मासिक भत्ता देने का वादा किया गया था, लेकिन दो साल बाद भी न तो नौकरियां मिलीं और न ही भत्ता दिया गया.

जगन ने यह भी आरोप लगाया कि उगादी 2024 तक वालंटियरों का वेतन दोगुना करने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद पूरी वालंटियर व्यवस्था खत्म कर दी गई, जिससे करीब 2.6 लाख लोग बेरोजगार हो गए.

उन्होंने यह भी दावा किया कि दबाव और उत्पीड़न के कारण राज्य में 250 से अधिक सचिवालय कर्मचारियों की मौत हुई है.

जगन ने सवाल उठाया कि जब एपी एनजीओ अध्यक्ष अशोक बाबू ने चुनाव में नायडू के समर्थन में प्रचार किया था, तब उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

अंत में उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू जनता का सामना करने से बच रहे हैं और अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं.

डीएससी

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