केंद्र सरकार ने सीएम रेखा गुप्ता का आग्रह स्वीकारा, दिल्ली में एफसीआई के जरिए फिर शुरू होगी गेहूं खरीद

New Delhi, 21 अप्रैल . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने किसानों के हित में एक अहम पहल की है. उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्र Government ने दिल्ली में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के जरिए गेहूं की Governmentी खरीद फिर से शुरू करने का फैसला लिया है.

इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिल सकेगा और स्थानीय कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

सीएम रेखा गुप्ता ने इस निर्णय के लिए Prime Minister Narendra Modi और केंद्र Government का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के कल्याण और उनकी आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र Government की प्रतिबद्धता को दिखाता है. Prime Minister मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है और यह फैसला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य Government के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली के किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा और वे अधिक सशक्त बनेंगे.

इस विषय पर उन्होंने हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर रबी विपणन सत्र में दिल्ली में एफसीआई के जरिए गेहूं खरीद तत्काल बहाल करने का अनुरोध किया था. उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि दिल्ली में एफसीआई द्वारा स्थानीय स्तर पर खरीद न होने के कारण किसानों को अपनी उपज एमएसपी से कम कीमत पर बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है, जिससे उनकी आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

Chief Minister के आग्रह पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्र Government ने एफसीआई को निर्देश जारी किए हैं कि रबी विपणन सत्र 2026-27 में दिल्ली में गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाए. इसके तहत 24 अप्रैल से दिल्ली में दो प्रमुख स्थानों, नरेला स्थित एफसीआई डिपो और नजफगढ़ मंडी में खरीद केंद्र संचालित किए जाएंगे, जिससे किसानों को उनके निकट ही अपनी उपज बेचने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.

सीएम ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि एफसीआई द्वारा दिल्ली में खरीद शुरू होने से कई महत्वपूर्ण नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित होगी. इससे दिल्ली के किसानों को Governmentी खरीद व्यवस्था तक समान और सुगम पहुंच मिलेगी.

साथ ही, स्थानीय स्तर पर खरीद केंद्र उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज अन्य राज्यों में ले जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनके परिवहन और हैंडलिंग खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि स्थानीय स्तर पर खरीदे गए गेहूं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकेगा, जिससे खाद्य सुरक्षा तंत्र और अधिक सुदृढ़ होगा. इसके अलावा, अनाज के अनावश्यक बाहरी प्रवाह पर रोक लगने से स्थानीय बाजार में संतुलन बना रहेगा और आपूर्ति श्रृंखला अधिक कुशल बनेगी.

Chief Minister ने Prime Minister Narendra Modi के किसान कल्याण और आय सुरक्षा के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना केंद्र Government की प्राथमिकता रही है. दिल्ली Government भी इसी दृष्टिकोण के अनुरूप किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह पहल उसी दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से दिल्ली के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी उपज का उचित एवं सुनिश्चित मूल्य प्राप्त हो सकेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी.

Chief Minister कार्यालय के मुताबिक, वर्ष 2021-22 के बाद दिल्ली में एफसीआई की ओर से एमएसपी पर गेहूं की खरीद फिर से शुरू की जा रही है. राजधानी में लगभग 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर कृषि होती है. प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है, जो स्थानीय खपत से अधिक है और बाजार में बेचने के लिए उपलब्ध रहता है. इस पहल से दिल्ली के लगभग 21,000 किसानों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है. किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए आधार कार्ड, भूमि अभिलेख की प्रति और बैंक पासबुक साथ लानी होगी. Government द्वारा गांव-वार खरीद कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा. Government ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही खरीद केंद्रों पर पहुंचें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके.

एएसएच/डीकेपी

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