पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में खाद का स्टॉक और सप्लाई दोनों ही मजबूत स्थिति में, उर्वरक की कीमतें स्थिर: केंद्र

New Delhi, 27 अप्रैल . पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद India में खाद (फर्टिलाइजर) की उपलब्धता पूरी तरह मजबूत बनी हुई है. केंद्र Government ने साफ किया है कि देश में खाद की सप्लाई जरूरत से ज्यादा है और किसानों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. इसके साथ ही Government ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद किसानों को खाद पुराने दामों पर ही मिलती रहेगी.

उर्वरक मंत्रालय ने Monday को एक आधिकारिक बयान में बताया कि देश में खाद का स्टॉक और सप्लाई दोनों ही मजबूत स्थिति में हैं. इसके साथ ही मंत्रालय बताया कि वैश्विक कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद India में प्रमुख उर्वरकों की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद India में किसानों के लिए दाम नहीं बढ़ाए गए हैं. उदाहरण के तौर पर, जहां वैश्विक बाजार में यूरिया की कीमत 4,000 रुपए प्रति बैग से ऊपर पहुंच गई है, वहीं India में किसानों को यह सिर्फ 266.5 रुपए प्रति 45 किलो बैग के हिसाब से मिल रहा है.

डीएपी और टीएसपी जैसे अन्य प्रमुख खादों की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके पीछे Government का मकसद है कि किसानों को महंगाई से बचाया जाए और उन्हें सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराई जाए.

मंत्रालय के अनुसार, खरीफ 2026 सीजन के लिए कुल खाद की जरूरत करीब 390.54 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) आंकी गई है. इसके मुकाबले अभी देश में करीब 190 एलएमटी खाद का स्टॉक मौजूद है, जो कुल जरूरत का लगभग 49 प्रतिशत है. आमतौर पर यह आंकड़ा 33 प्रतिशत के आसपास रहता है, लेकिन इस बार बेहतर प्लानिंग और लॉजिस्टिक्स के चलते स्टॉक ज्यादा है.

अलग-अलग खाद की उपलब्धता भी जरूरत से कहीं ज्यादा है. उदाहरण के तौर पर यूरिया की उपलब्धता 71.40 एलएमटी है, जबकि जरूरत सिर्फ 20.54 एलएमटी है. इसी तरह डाई-अमोनियम फास्फेट (डीएपी), एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश), एमओपी यानी म्यूरेट ऑफ पोटाश (पोटेशियम क्लोराइड) और सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) जैसे अन्य खाद भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. इससे साफ है कि खरीफ सीजन की शुरुआत काफी मजबूत स्थिति में हो रही है.

Government ने घरेलू उत्पादन और आयात दोनों स्तरों पर तैयारी मजबूत रखी है. संकट के बाद देश में 59.01 एलएमटी खाद का उत्पादन हुआ है, जबकि करीब 13.96 एलएमटी खाद का आयात भी किया गया है.

इसके अलावा, India ने फरवरी 2026 में वैश्विक टेंडर के जरिए 13.07 एलएमटी यूरिया हासिल किया था और अब कुल 25 एलएमटी यूरिया सुरक्षित कर लिया है.

डीएपी, टीएसपी और अमोनियम सल्फेट की अतिरिक्त खरीद के लिए भी नए ग्लोबल टेंडर जारी किए गए हैं, ताकि पीक सीजन में किसी तरह की कमी न हो.

इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि खाद उत्पादन के लिए जरूरी प्राकृतिक गैस की उपलब्धता भी सामान्य बनी हुई है. फिलहाल लगभग 97 प्रतिशत एलएनजी/आरएलएनजी की सप्लाई उर्वरक प्लांट्स को मिल रही है और ज्यादातर यूरिया प्लांट पूरी क्षमता पर काम कर रहे हैं. इससे उत्पादन में कोई रुकावट नहीं आ रही है.

डीबीपी

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