
Lucknow, 1 मई . बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर सपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ के के ‘गिरगिट’ वाले बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि Government हालात के हिसाब से अपना रुख बदलती है और जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय चुनौतियों से भरा है और समाज को मिलकर आगे बढ़ने की जरूरत है. इस दौरान उन्होंने बौद्ध आस्था से जुड़े प्रमुख स्थलों लुंबनी, सारनाथ और कुशीनगर के विकास के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि इन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाना जरूरी है.
Chief Minister के ‘गिरगिट’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि असल में सत्ता पक्ष ही परिस्थितियों के अनुसार अपने बयान बदलता है. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘नारी वंदन’ जैसे मुद्दों को नारे के रूप में इस्तेमाल कर जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की जनता सब समझ चुकी है और बदलाव चाहती है.
महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था, लेकिन भाजपा इसे Political लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि Government इस मुद्दे को उछालकर अन्य ज्वलंत समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है. सपा प्रमुख ने परिसीमन और संशोधन से जुड़े मामलों पर भी Government की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंकड़ों के आधार पर Political रणनीति तैयार की जा रही है.
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने ‘बुलडोजर नीति’ की आलोचना करते हुए हरदोई और वाराणसी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की. इसके अलावा, उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना, गेहूं खरीद में देरी, श्रम कानूनों में बदलाव और अयोध्या मास्टर प्लान में बार-बार संशोधन जैसे मुद्दों को उठाते हुए Government को कठघरे में खड़ा किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि Government अपनी नीतियों के जरिए चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचा रही है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं ने हिस्सा लिया. “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा और भिक्षुओं ने बौद्ध धर्म के उपदेशों का पाठ किया. वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, महिलाओं के सशक्तिकरण और पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर भी अपने विचार रखे.
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विकेटी/वीसी