
New Delhi, 1 मई . Maharashtra दिवस के अवसर पर Prime Minister Narendra Modi ने प्रदेश के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा. इसके माध्यम से उन्होंने प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं दीं और Maharashtra की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक भूमिका को देश के लिए प्रेरणा स्रोत बताया.
Prime Minister ने कहा कि Maharashtra केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरता, भक्ति, सुधार और राष्ट्र निर्माण का अद्भुत संगम है. उन्होंने कहा कि कोंकण तट से लेकर सह्याद्रि पर्वतों तक यह भूमि वीरों की गाथाओं से गूंजती रही है और भक्ति आंदोलन तथा वारकरी संप्रदाय ने समाज सुधार की चेतना को नई दिशा दी.
Chief Minister देवेंद्र फडणवीस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “Maharashtra के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आपको और Maharashtra के मेरे प्यारे भाई-बहनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं. हर Maharashtraीयन के लिए यह एक बहुत ही विशेष दिन है. हम सभी उस राज्य और संस्कृति को नमन करते हैं, जिसने हमारे राष्ट्र और समाज को एक विशिष्ट स्वरूप प्रदान किया है.”
“Maharashtra हमारी सभ्यता के लिए प्रेरणा का एक शाश्वत स्रोत है. यह राज्य शौर्य और सदाचार, भक्ति और गतिशीलता, सुधार और ‘राष्ट्र निर्माण’ का एक संगम है. यह वह पावन भूमि है, जहां कोंकण तट और सह्याद्रि पर्वतमालाएं वीरों के साहस की गाथाएं सुनाती हैं, जहां भक्ति आंदोलन और वारकरी संप्रदाय ने सामाजिक सुधार की अलख जगाई, जहां सामाजिक न्याय को अपनी सबसे सशक्त वाणी मिली और जहां से आधुनिक भारत, विशेष रूप से हमारी आर्थिक प्रगति, निरंतर शक्ति प्राप्त करता रहा है.”
पीएम मोदी ने कहा कि Maharashtra को छत्रपति शिवाजी महाराज की अमर प्रेरणा का आशीर्वाद प्राप्त है, जिनका ‘स्वराज्य’ का दृष्टिकोण सुशासन, साहस और राष्ट्रीय गौरव के लिए एक शाश्वत मार्गदर्शक बना हुआ है. यह ‘India रत्न’ डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के मुक्तिदायी विचारों से समृद्ध हुआ है, जिनके विचार हमारी लोकतांत्रिक यात्रा को निरंतर आलोकित करते रहते हैं. इसने लोकमान्य तिलक और वीर सावरकर जैसे नेताओं से देशभक्ति की भावना ग्रहण की है. और इसे उन संत परंपराओं से आध्यात्मिक गहराई तथा नैतिक बल का आशीर्वाद मिला है, जिन्होंने इसकी आत्मा को आकार दिया है.
उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का भान है कि यह वर्ष Maharashtra के लिए अत्यंत विशेष भी है. आखिर, हम पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती, महात्मा फुले की 200वीं जयंती, संत गाडगेबाबा की 150वीं जयंती, महाड के ऐतिहासिक ‘चावदार ताले सत्याग्रह’ का शताब्दी वर्ष, बालासाहेब ठाकरे जी की 100वीं जयंती और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं.
इनमें से प्रत्येक पड़ाव Maharashtra की महानता की विभिन्न धाराओं की याद दिलाता है, जैसे कि सामाजिक सुधार, महिला सशक्तिकरण, आध्यात्मिक जागरण, न्याय और सांस्कृतिक आत्म-अस्मिता. अतः यह अत्यंत ही उचित है कि Maharashtra Government ने इस वर्ष को ‘समता’ और ‘सामाजिक समरसता’ के प्रति समर्पित किया है.
अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खास तौर पर तीन ऐसे मौके आए हैं, जिनसे मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत खुशी मिली है. पहला है 12 मराठा किलों (जिनमें से 11 Maharashtra में हैं) को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना. ये किले साहस, स्वाभिमान और रणनीतिक सूझ-बूझ के जीवंत प्रतीक हैं.
दूसरा है खूबसूरत मराठी भाषा को ‘शास्त्रीय भाषाओं’ की सूची में शामिल किया जाना, जिसका श्रेय हमारी एनडीए Government को 2024 में मिला. यह एक लंबे समय से चली आ रही मांग थी और इसे हकीकत में बदलने का अवसर मिलना हमारे लिए सौभाग्य की बात थी. मराठी भाषा ने India की बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध किया है.
तीसरा है, पिछले साल ‘संविधान दिवस’ के मौके पर पेरिस में यूनेस्को के मुख्यालय में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण. यह एक ऐसे महान व्यक्तित्व को दी गई सच्ची श्रद्धांजलि थी, जिनका प्रभाव वास्तव में वैश्विक है.
पीएम मोदी ने कहा कि Maharashtra हमेशा से India के आर्थिक बदलाव में सबसे आगे रहा है. उद्योग से लेकर इनोवेशन तक, फाइनेंस से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, कॉमर्स से लेकर क्रिएटिविटी तक, India के विकास में Maharashtra का योगदान बेजोड़ है. यह निवेशकों के लिए पसंदीदा जगह बना हुआ है, और इस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भी अग्रणी बन गया है. मुझे खुशी है कि आपकी Government राज्य की आर्थिक तरक्की को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है.
‘विकसित Maharashtra’ का विजन 2047 तक ‘विकसित भारत’ के हमारे साझा सपने को साकार करने के साथ पूरी तरह से मेल खाता है. यह बात कि Maharashtra Government ने इसे तीन चरणों में सोच-समझकर तैयार किया है, 2029, 2035 (Maharashtra का अमृत महोत्सव) और 2047, तत्काल कार्रवाई और लंबे समय के राष्ट्रीय उद्देश्य, दोनों को दर्शाती है.
उन्होंने कहा कि Maharashtra के लिए केंद्र Government का समर्थन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है. 2025-26 में Maharashtra को अहम रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए 24,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए. यह एक रिकॉर्ड आंकड़ा है. Maharashtra जैसे राज्य के लिए अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का बहुत ज्यादा महत्व है. इसे मजबूत करने के लिए अहम विकास कार्य शुरू किए गए हैं. अभी पिछले साल ही Mumbai मेट्रो की एक्वा लाइन का विस्तार किया गया था. पूरा देश नवी Mumbai एयरपोर्ट और इस बात पर चर्चा कर रहा है कि यह कैसे विकास को बढ़ावा देगा, खासकर Mumbai के आस-पास के इलाकों में.
वधावन पोर्ट एक प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार बन जाएगा, जिससे India की व्यापारिक महत्वाकांक्षाओं को मजबूती मिलेगी. शक्तिपीठ महामार्ग का विकास और सांस्कृतिक, दोनों ही दृष्टियों से विशेष महत्व है. संभाजीनगर में बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र, औद्योगिक विकास और नवाचार के एक भविष्योन्मुखी केंद्र के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है. ये कार्य और कई अन्य कार्य, लाखों रोजगार पैदा करेंगे और India को आत्मनिर्भर बनाएंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि Maharashtra डाटा केंद्रों, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में लगातार अग्रणी बना हुआ है. मुझे पिछले साल वेव्स शिखर सम्मेलन के लिए अपनी यात्रा याद आ रही है. एक जीवंत फिल्म और रचनात्मक उद्योग के केंद्र के रूप में Maharashtra ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ को मजबूत करने में एक मुख्य भूमिका निभाता रहेगा. यह देखकर खुशी होती है कि हाल के वर्षों में, पूरे Maharashtra में विकास के नए केंद्र उभरे हैं, जो राज्य की मौजूदा जीवंतता को और भी समृद्ध कर रहे हैं.
Prime Minister मोदी ने कहा कि कुछ साल पहले, अगर कोई कहता कि गढ़चिरौली, अमरावती, धुले और नंदुरबार जैसी जगहों में निवेश किया जाए, तो इसे नामुमकिन माना जाता, लेकिन अब ये जगहें पूरे आत्मविश्वास के साथ विकास के नक्शे पर अपनी जगह बना रही हैं. खासकर गढ़चिरौली में एक जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है. माओवाद और वामपंथी उग्रवाद के कमजोर पड़ने से एक नया अध्याय शुरू हुआ है. अब, अकेले गढ़चिरौली जैसी जगह ही हजारों करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित कर रही है.
अपने प्रयास को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अपने पिछले कार्यकाल के दौरान, आपने सूखे इलाकों, खासकर मराठवाड़ा क्षेत्र में पानी पहुंचाने के लिए बेहतरीन प्रयास किए थे. मुझे खुशी है कि आप और आपकी टीम इस काम को पूरे जोश और लगन के साथ आगे बढ़ा रहे हैं. जब राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पानी पहुंचता है, तो हमारे मेहनती किसानों से ज्यादा खुश कोई नहीं होता.
Maharashtra के किसानों ने देश को बहुत कुछ सिखाया है, खासकर मजबूत सहकारी नेटवर्क बनाना, जिससे लोगों की आजीविका के साथ-साथ उनकी गरिमा भी बढ़ती है. आने वाले समय में नासिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले कुंभ मेले के लिए Maharashtra पूरे देश से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करेगा. इस महत्वपूर्ण आध्यात्मिक समागम की तैयारियों में जुटे स्थानीय प्रशासन को मेरी शुभकामनाएं. केंद्र Government की ‘प्रसाद’ योजना के तहत, त्र्यंबकेश्वर में तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि Maharashtra के लोगों के लिए वर्ष 2026 कुछ दुखद घटनाओं का भी गवाह बना है. अजित दादा पवार का दुखद निधन और आशा भोसले का देहावसान. मुझे विश्वास है कि उनके जीवन और कार्यों की स्मृतियां लोगों को निरंतर प्रेरित करती रहेंगी. एक ‘विकसित’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनने की हमारी यात्रा में Maharashtra की भूमिका निर्णायक होगी.
इस ‘राज्य स्थापना दिवस’ के अवसर पर हम आधुनिक Maharashtra के अनगिनत निर्माताओं को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं. वे श्रमिक, किसान, संत, समाज सुधारक, उद्यमी, कलाकार और आम नागरिक, जिनके अथक परिश्रम ने इस राज्य को असाधारण बनाया है. हम इस राज्य को हर संभव तरीके से सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराते हैं. पीएम मोदी ने आगे कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज और राजमाता जीजाऊ मां साहेब का आशीर्वाद सदैव हम पर बना रहे. जय Maharashtra.”
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पीएसके/वीसी