हिमाचल में हस्तशिल्प उत्पादों की बुनाई करने वाले जादुई हाथों में अद्भुत प्रतिभा: मंत्री पीयूष गोयल – Daily Kiran
Thursday , 9 December 2021

हिमाचल में हस्तशिल्प उत्पादों की बुनाई करने वाले जादुई हाथों में अद्भुत प्रतिभा: मंत्री पीयूष गोयल

नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हिमाचल में खूबसूरत (Surat) हस्तशिल्प उत्पादों की बुनाई करने वाले जादुई हाथों में अद्भुत प्रतिभा और क्षमता है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन उत्पादों को उपयुक्त तरीके से लाने के लिए राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों के सक्रिय रूप से काम करने की जरूरत है. गोयल ने घोषणा की कि राज्य के आकर्षक हस्तशिल्प उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन उत्पादों के निर्यात के लिए बेहतर मंच प्रदान करने के मकसद से राज्य के कुल्लू जिले में बुनकर सेवा और डिजाइन संसाधन केंद्र स्थापित किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री आज कुल्लू में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)राज्य के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में हस्तशिल्प और हथकरघा कारीगरों के साथ ‘सेवा और समर्पण अभियान’ के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे. मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)में हस्तशिल्प की अपार संभावनाएं हैं और बुनकर सेवा केंद्र में कारीगरों के कौशल उन्नयन, आधुनिक उपकरणों और गुणवत्ता वाले नए डिजाइन तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि डिजाइन, गुणवत्ता, पैकेजिंग और मार्केटिंग के आधुनिकीकरण पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है ताकि बुनकरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पादों के अच्छे दाम मिल सकें. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल की टोपी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती है और अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप दुनिया के सबसे ठंडे स्थानों के लिए इसे फिर से डिजाइन करने की आवश्यकता है. केंद्रीय मंत्री ने बड़े शहरों और फाइव स्टार होटलों में इन उत्पादों की जिलेवार प्रदर्शनियां आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनकी ब्रांडिंग की जा सके. उन्होंने बुनकरों से कहा कि वे अपना ट्रेडमार्क प्राप्त करें जिसके लिए केंद्र सरकार (Central Government)ने पंजीकरण शुल्क में 80 प्रतिशत की कमी कर दी है. गोयल ने जिले के उद्यमियों से भी बातचीत की और स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा कारीगरों को लकड़ी के शिल्प, हथकरघा, कढ़ाई मशीन और प्रमाण पत्र वितरित किए. उन्होंने राज्य के उद्योग विभाग से मुख्य रूप से हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले ऊन की गुणवत्ता में सुधार के तरीकों और साधनों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने कला की प्रदर्शनी देखी और प्रत्येक उत्पाद बहुत सुंदर हैं और इन उत्पादों को बनाने वाले हाथ सच में अनमोल हैं. हालांकि उन्होंने आगे कहा कि इन वर्षों में इसका वाणिज्यिक मूल्य बहुत बढ़ गया है और ऐसे में उत्पाद निर्माण में सुधार पर ध्यान देने की आवश्यकता है.

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