
New Delhi, 2 मई . केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई में Haryana Police के वांछित भगोड़े आलोक कुमार उर्फ यशपाल सिंह को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से India वापस लाने में सफलता हासिल की है. यह कार्रवाई 1 मई को पूरी की गई, जिसमें विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा.
आलोक कुमार लंबे समय से Haryana में दर्ज एक गंभीर मामले में फरार चल रहा था. उस पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने जैसे कई गंभीर आरोप हैं. जांच के अनुसार वह एक संगठित गिरोह का मुख्य साजिशकर्ता था, जो फर्जी दस्तावेजों और झूठी जानकारी के आधार पर लोगों के लिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने का काम करता था. बताया गया है कि उसने कई आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को नकली पहचान और गलत पते के जरिए पासपोर्ट दिलाने में मदद की. इसके अलावा वह इन लोगों की विदेश यात्रा और आव्रजन से जुड़ी गतिविधियों का भी प्रबंधन करता था.
Haryana Police के अनुरोध पर केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अंतरराष्ट्रीय Police संगठन के माध्यम से आरोपी के खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात की एजेंसियों ने आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद India Government की ओर से औपचारिक रूप से उसे वापस भेजने का अनुरोध किया गया. सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने आरोपी को India भेजने की मंजूरी दे दी.
आलोक कुमार को 1 मई को Mumbai लाया गया, जहां Haryana Police ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया. अब उससे पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी.
केंद्रीय जांच ब्यूरो India में अंतरराष्ट्रीय Police सहयोग के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय एजेंसी के रूप में काम करता है. यह ‘भारतपोल’ व्यवस्था के माध्यम से देश की विभिन्न जांच एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम करता है. विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में 150 से अधिक वांछित अपराधियों को विदेशों से India वापस लाया जा चुका है.
–
एसएचके/वीसी