
हापुड़, 19 अगस्त . उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने अखिलेश यादव को घमंडी और खुदगर्ज बताते हुए कहा कि Samajwadi Party लगातार अपनी Political परिभाषाएं बदलकर अलग-अलग वर्गों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है. कश्यप ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में Samajwadi Party को बड़ा Political नुकसान उठाना पड़ेगा.
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर हुई ईडी की छापेमारी पर नरेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश की जनता इस बात से परिचित है कि Samajwadi Party की Government के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कई ऐसे काम हुए, जिनका कानून और नियमों से कोई संबंध नहीं था. इस मामले में धीरे-धीरे परतें खुल रही हैं और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं. यदि किसी जमीन या संपत्ति का इस्तेमाल अवैध तरीके से किया गया है तो Government की जिम्मेदारी है कि उसे कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जनहित में इस्तेमाल करे. उन्होंने सवाल उठाया कि देश में आक्रांताओं के नाम पर विश्वविद्यालय बनवाकर आखिर Samajwadi Party क्या संदेश देना चाहती थी.
उन्होंने कहा कि देश में अनेक स्वतंत्रता सेनानी, ऋषि और महापुरुष हुए हैं, जिनके नाम पर संस्थानों का निर्माण किया जा सकता था. गलत तरीके से जमीन और धन का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में जनता के हित में नहीं हो सकता. ईडी और सीबीआई अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगी और यदि कोई संपत्ति अवैध पाई जाती है तो उसे जनउपयोगी बनाना Government की जिम्मेदारी है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव के Government बनाने के दावे पर नरेंद्र कश्यप ने कहा कि दावा करने में आखिर क्या ही जाता है. बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, असम, Maharashtra और Haryana के चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने कई जगह बड़े दावे किए, लेकिन चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव ने 16 सभाएं की थीं और जिन सीटों पर उन्होंने सभाएं कीं, वहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. अखिलेश यादव को भी अंदाजा है कि 2027 में Samajwadi Party का Political हश्र खराब होने वाला है. Government बनाने का दावा करके अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.
अखिलेश यादव की ओर से पीडीए में ‘पी’ को पंडित बताए जाने पर भी नरेंद्र कश्यप ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव बार-बार अपनी Political परिभाषाएं बदलते हैं. Samajwadi Party का नाम समाजवाद के आधार पर रखा गया था और राममनोहर लोहिया के संघर्ष से समाजवादी विचारधारा जुड़ी रही है, लेकिन अब Samajwadi Party ने पीडीए को अपना Political आधार बना लिया है. समय-समय पर पीडीए की परिभाषा बदली जाती रही है. उन्होंने दावा किया कि ब्राह्मण, पिछड़ा और दलित समाज अब इस राजनीति को समझ चुका है. अलग-अलग वर्गों को जोड़ने के लिए पीडीए की परिभाषा बदलने की कोशिश आने वाले समय में Samajwadi Party के लिए नुकसानदेह साबित होगी.
Samajwadi Party पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए नरेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि यदि 2027 में उनकी Government बनती है तो Chief Minister कौन होगा, इसकी घोषणा क्यों नहीं की जाती. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि Samajwadi Party का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा. कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि इन पदों पर भी यदि परिवार के लोगों की ही दावेदारी रहेगी और उसके बाद पीडीए की बात की जाएगी तो जनता इसे समझ रही है.
उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में हुई कथित Political गलतियों और कमियों को जनता अब समझ चुकी है. कश्यप ने अखिलेश यादव, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘आउट ऑफ डेट लीडर’ बताया और दावा किया कि इन नेताओं की विश्वसनीयता कम हुई है.
राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी नरेंद्र कश्यप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का बयान उनके अंदर आए अहंकार और घमंड को दर्शाता है. जिस आरएलडी को अखिलेश यादव कथित तौर पर ‘चवन्नी’ कहकर संबोधित कर रहे हैं, उस पार्टी की स्थापना पूर्व Prime Minister चौधरी चरण सिंह ने की थी. चौधरी चरण सिंह ने उत्तर प्रदेश के Chief Minister और देश के Prime Minister के रूप में देश और प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए.
उन्होंने आरोप लगाया कि आरएलडी को इस तरह संबोधित कर अखिलेश यादव ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और जाट समाज का अपमान किया है. आने वाले समय में अखिलेश यादव को इस Political बयान का नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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पीएसके/डीकेपी