अमेरिका और ईरान के बीच हुए ज्ञापन समझौते का भारत करता है स्वागत : अजित डोभाल

New Delhi, 23 जून . India के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने Tuesday को कहा कि India ईरान और अमेरिका के बीच हुए ज्ञापन समझौते का स्वागत करता है और इस डेवलपमेंट को उम्मीद के साथ देखता है. India उम्मीद करता है कि यह क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता में सकारात्मक योगदान देगा.

16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सालहकारों की मीटिंग में एनएसए डोभाल ने कहा, “India अमेरिका और ईरान के बीच हुए ज्ञापन समझौते का स्वागत करता है. हमें उम्मीद है कि यह काम करेगा. इससे ऊर्जा सुरक्षा में मदद मिलेगी. बेघरों के लिए स्टेट चुनना एक बहुत अच्छा डेवलपमेंट है.”

उन्होंने कहा कि इससे “सप्लाई चेन की रुकावटें दूर होंगी” और फर्टिलाइजर और केमिकल वगैरह के फील्ड में कई कमियां पूरी हो जाएंगी.

एनएसए डोभाल ने कहा, “इस इलाके और उससे आगे के देशों को जो नेविगेशन की आजादी मिलेगी, उससे शायद हमारी आर्थिक खुशहाली भी बहुत बढ़ेगी. दोस्तों, हमें नए सुरक्षा खतरों और चुनौतियों के बारे में पता होना चाहिए.”

अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने 17 जून को युद्ध खत्म करने के लिए इलेक्ट्रॉनिकली एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इसमें डील की आखिरी शर्तों पर बातचीत करने के लिए सीजफायर को 60 दिन के लिए बढ़ाने की बात कही गई.

इस समझौते ने अमेरिका और ईरान के बीच लगभग चार महीने से चल रहे झगड़े को खत्म कर दिया. तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और इलाके के सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय मिल गया.

इससे पहले, India ने अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी खत्म करने, इलाके को स्थिर करने और व्यापार को फिर से शुरू करने के मकसद से हुए एमओयू का स्वागत किया था.

विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया था कि लगातार बातचीत ही पश्चिम एशिया में पक्की शांति और होर्मुज स्ट्रेट के जरिए बिना किसी रुकावट के नेविगेशन की आजादी और दुनिया भर में व्यापार के फ्लो का एकमात्र रास्ता है.

मंत्रालय ने यह भी कहा था कि India ने लगातार तनाव कम करने, बातचीत और डिप्लोमेसी की वकालत की है, जो चल रहे संघर्ष को जल्दी खत्म करने के लिए जरूरी हैं.

केके/पीएम

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